भारत की दस सबसे बड़ी कंपनियों में पांच सरकारी हैं और उससे भी बड़ी बात यह है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज इस सूची में पहले नंबर पर नहीं है। यह सूची कंपनियों के राजस्व के आधार पर बनाई गई है। एक अंग्रेजी आर्थिक अखबार के सर्वे के मुताबिक रेवेन्यू के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी कंपनी है इंडियन ऑयल कार्पोरेशन। जबकि मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज दूसरे नंबर पर है। दिलचस्प बात है कि तीसरे नंबर पर सरकारी कंपनी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया है और चौथे नंबर पर एक और सरकारी कंपनी भारत पेट्रोलियम है। पांचवें और छठे स्थान पर भी सरकारी कंपनियां हैं और ये हैं हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और ऑयल ऐंड नैचुरल गैस कार्पोरेशन। टाटा की दो कंपनियां टाटा स्टील और टाटा मोटर्स सातवें और आठवें स्थान पर हैं। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई नवें और दसवें स्थान पर हैं।इंडियन ऑयल कार्पोरेशन का कुल रेवेन्यू 257,560 करोड़ रुपए है जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज का 214,532 करोड़ रुपए है। इंडियन ऑयल के रेवेन्यू में 11.5 प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज में 39.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रेवेन्यू में 18.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 133,852 करोड़ रुपए हो गया।
अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के रेवेन्यू में 5.2 प्रतिशत की गिरावट हुई है और यह 25 वें स्थान से पिछड़ कर 27 वें स्थान पर पहुंच गई है। कार बनाने वाली कंपनी मारुति ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 19वां स्थान पा लिया है। पिछली बार वह 28वें स्थान पर थी।
1 टिप्पणी:
सरकारी कंपनियों का सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी में सुमार होना ही इस बात का प्रमाण है की सरकार जनता के लिए एक दलाल की भूमिका में खरी है..नहीं तो एक बैंक कभी भी ज्यादा मुनाफा कमा ही नहीं सकता अगर सामाजिक सरोकार को जोड़कर बैंक की सेवा को चलाया जाय ...
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