प्रत्येक वस्तु के विषय में सारभौमिक द्रष्टि से सोचें|
राष्ट्रीयता, जाति और धर्मों में विभेद पैदा करना मूर्खता है|
प्रत्येक चर्च ईश्वर का चर्च है और पूजा करने का प्रत्येक स्थान
भगवान का मंदिर है और प्रत्येक प्राणी प्रभु की संतान है|
(श्री परमहंस योगानंद)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें