
कश्मीर युनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर पर अश्लील पेपर बनाने का आरोप लगाया गया है। प्रो. शाद रमजान पर पेपर में अश्लील सवाल पूछने का आरोप है। कश्मीर जोन के आईजी एस.एम. सहाय के अनुसार अभी तक प्रोफेसर को गिरफ्तार नहीं किया गया है। गौरतलब है कि प्रो. रमजान को 2009 में साहित्य अकादमी अवॉर्ड मिल चुका है। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्टस के पहले साल के पेपर में अंग्रेजी के पैराग्राफ को कश्मीर में अनुवाद करने को कहा था।
प्रो. रमजान ने खुद पर लगाए आरोप को शैक्षणिक आतंकवाद करार दिया है। उनके अनुसार उनके द्वारा पूछा गया सवाल महिलाओं के शरीर से जुड़ा बॉयोलॉजिकल फैक्ट था। इस फैक्ट के बारे में कक्षा सातवीं से लेकर एमबीबीएस तक पढ़ाया जाता है। प्रोफेसर के अनुसार उन्होंने ये पैराग्राफ यूनानी मेडिसीन की किताब से लिया था। रमजान के अनुसार पुलिस को पहले पहले किताब के लेखक को पकड़ना चाहिए। किताब को मेडिकल कॉलेज में बैन करना चाहिए। प्रोफेसर के मुताबिक सरकार को गालिब, रसूल मीर और सदाहत हसन मंटो जैसे लेखकों को भी बैन करना चाहिए। पुलिस ने दिसंबर महीने में श्रीनगर के कश्मीर युनिवर्सिटी के गांधी मेमोरियल कॉलेज के लेक्चरर को पत्थरबाजों से जुड़ा एक सवाल पूछने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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