राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति (ओसी) से बर्खास्त किए गए सुरेश कलमाड़ी और ललित भनोट ने ओसी के नव नियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जरनैल सिंह को अधिकारिक रूप से कार्यभार सौंपने से इंकार कर दिया लेकिन सीईओ सिंह ने कहा कि उन्होंने स्वयं कार्यभार संभाल लिया है।
जरनैल सिंह द्वारा मंगलवार को खेल मंत्रलय को लिखे पत्र के अनुसार कलमाड़ी और भनोट दोनों ने कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया को पूरा करने से मना कर दिया जिन्हें एक दिन पहले इसके लिए कहा गया था। पत्र में कहा गया है कि खेल मंत्रालय के निर्देश पर दोनों अधिकारियों को 24 जनवरी को कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया के लिए संबंधित कागजात भेज दिए गए थे ताकि वे इस पर हस्ताक्षर करके यह प्रक्रिया पूरी कर सकें।
सिंह ने खेल मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा कि 25 जनवरी तक हमें कार्यभार सौंपने के कागजात नहीं मिले थे। अत: मैंने खुद कार्यभार संभाल लिया है। सिंह की नियुक्ति कलमाड़ी के 24 जनवरी को आयोजन समिति के अध्यक्ष पद से बर्खास्त करने के बाद की गई ताकि राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान लगे भ्रष्टाचार के कथित आरोपों की बेरोकटोक जांच की जा सके। इससे कलमाड़ी के घोटाले और विवादों से भरे कार्यकाल का भी अंत हो गया।
कलमाड़ी के करीबी भनोट को भी तुरंत प्रभाव से आयोजन समिति के महासचिव पद से हटा दिया गया था। राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के मामलों के संबंध में दोनों अधिकारियों से सीबीआई ने भी पूछताछ की थी। कलमाड़ी ने खेल मंत्री अजय माकन को लिखे पत्र में अपनी बर्खास्तगी को गैर कानूनी और गैर जरूरी करार किया था। कलमाड़ी ने लिखा कि मैं 24 जनवरी को मिले निर्देश से काफी हैरान हूं। राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति और कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष पद से मुझे गैर कानूनी और मनमाने ढंग से हटाया गया है।

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