विदेशी बैंकों में भारतीयों द्वारा जमा काले धन के मामले पर सुप्रीम कोर्ट आज फिर सुनवाई कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से जानना चाहा है कि विदेशों में जिन भारतीयों ने काला धन जमा किया है क्या उनके नामों का खुलासा किया जा सकता है और महाधिवक्ता आज इसी मुद्दे पर सरकार का जवाब रखेंगे।
सुनवाई जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी की अदालत में होगी। महाधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम काले धन के मामले में सरकार का जवाब विस्तार से अदालत में रखेंगे। इस मामले में हुई पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने काले धन के मामले में सरकार को तगड़ी लताड़ लगाई थी। आज सरकार कोर्ट को बताएगी कि विदेशों में काला धन जमा करने वाले भारतीयों के नामों का खुलासा क्यों नहीं किया जा सकता।
सुनवाई जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी की अदालत में होगी। महाधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम काले धन के मामले में सरकार का जवाब विस्तार से अदालत में रखेंगे। इस मामले में हुई पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने काले धन के मामले में सरकार को तगड़ी लताड़ लगाई थी। आज सरकार कोर्ट को बताएगी कि विदेशों में काला धन जमा करने वाले भारतीयों के नामों का खुलासा क्यों नहीं किया जा सकता।
राम जेठमलानी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर मांग की है कि विदेशों में काला धन जमा करने वालों के नाम का सरकार को खुलासा करना चाहिए। भारत सरकार ने स्विट्जरलैंड के अलावा करीब 78 दूसरे देशों से भी काले धन के मामले में या तो संधि की है या फिर बातचीत चल रही है। संधि में प्रावधान है कि उन देशों की सरकारें भारतीयों द्वारा जमा काले धन की रकम का खुलासा करेंगीं। इन देशों में मॉरिशस, ब्राजील, इटली, अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात और चैनल आईलैंड शामिल हैं। स्विट्जरलैंड की सरकार भी काले धन के मामले में बने नियमों में कुछ फेरबदल कर रही है, जिसके बाद भारतीय सरकार को उन भारतीयों की जानकारी मिल सकेगी, जिन्होंने वहां के बैंकों में काला धन छुपाया है। लेकिन पूरी जानकारी केवल कुछ ही मामलों में दी जा सकेगी। फिर ये जानकारियां केवल कर वसूलने के लिए ही इस्तेमाल की जा सकेंगीं। और यही कारण है कि भारतीय सरकार अभी इन जानकारियों का खुलासा करने के पक्ष में नहीं है।

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