श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने को लेकर मंगलवार को भाजपा और राज्य सरकार के बीच टकराव और तेज हो गया है। जम्मू में प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने आज लाठीचार्ज किया और करीब 20 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भाजपा के कई नेता राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वहीं, भाजपा की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से निकाली गई राष्ट्रीय एकता यात्रा पंजाब के माधोपुर पहुंच गई है। राष्ट्रीय एकता यात्रा इसके बाद लखनपुर होते हुए जम्मू की सीमा में प्रवेश करेगी। युवा सांसद अनुराग ठाकुर के नेतृत्व में जारी भाजयुमो की यह यात्रा 26 जनवरी को श्रीनगर में लाल चौक पर झंडा फहराने के साथ खत्म होगी। हालांकि राज्य सरकार ने इसके खिलाफ पूरी तैयारी कर ली है। एहतियात के तौर पर श्रीनगर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। जम्मू कश्मीर की पंजाब और हिमाचल से लगती सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
इससे पहले राष्ट्रीय एकता यात्रा में हिस्सा लेने जम्मू पहुंचे भाजपा के तीन आला नेताओं सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और अनंत कुमार को लेकर सोमवार को खूब हंगामा हुआ। उन्हें करीब छह घंटे एयरपोर्ट पर ही रोके रखा। विरोधस्वरूप तीनों नेता वहीं धरने पर बैठ गए थे। प्रशासन इन्हें वापस भेजने की कोशिश करता रहा लेकिन भाजपा नेता नहीं माने। देर शाम इन तीनों को एयरपोर्ट से बाहर निकाला गया और एक गाड़ी में बैठा कर माधोपुर भेज दिया गया। इसके बाद आगे की रणनीति के लिए सुषमा, अनंत और जेटली ने भाजयुमो अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के साथ बैठक की। अनुराग ठाकुर ने एक बार फिर जोर देकर कहा कि वह लाल चौक पर तिरंगा फहराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बीजेपी नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि वे हिम्मत नहीं हारेंगे और एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के लिए कूच करेंगे। उन्होंने कहा, ‘हम 26 जनवरी को श्रीनगर के लालचौक पर पहुंचेंगे और वहां तिरंगा फहराएंगे।’ सुषमा स्वराज ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लिखा कि ‘हम यहां सत्याग्रह के लिए नहीं आए हैं। हम तिरंगा यात्रा के लिए आए हैं। हम दोबारा जम्मू-कश्मीर में दाखिल होंगे।’ ये नेता आज माधोपुर में राष्ट्रीय एकता यात्रा के दौरान करीब 50000 कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद लखनपुर बॉर्डर होते हुए जम्मू-कश्मीर कूच करने की योजना है। नई दिल्ली में भूख हड़ताल पर बैठे भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा। उन्होंने कहा, 'हमें राज्य में जहां महसूस होगा, वहां जाकर हम झंडा फहराएंगे।' सिंह ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर अलगाववादी ताकतों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
श्रीनगर में कर्फ्यू जैसे हालात है, शहर के कई इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। बीजेपी की तिरंगा यात्रा को रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर की सीमाओं को सील कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। लाल चौक इलाके में सीआरपीएफ के 4000 जवानों को तैनात किया गया है। राज्य के अधिकतर स्कूल-कॉलेज मंगलवार को बंद रहेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदम्बरम ने भाजपा के आला नेताओं से तिरंगा यात्रा को जारी नहीं रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को टकराव का रास्ता नहीं अख्तियार करना चाहिए और कानून-व्यवस्था अपने हाथ में लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘ऐसे किसी एजेंडा के लिए कोई सफाई नहीं दी जा सकती जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होती है।’
इससे पहले राष्ट्रीय एकता यात्रा में हिस्सा लेने जम्मू पहुंचे भाजपा के तीन आला नेताओं सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और अनंत कुमार को लेकर सोमवार को खूब हंगामा हुआ। उन्हें करीब छह घंटे एयरपोर्ट पर ही रोके रखा। विरोधस्वरूप तीनों नेता वहीं धरने पर बैठ गए थे। प्रशासन इन्हें वापस भेजने की कोशिश करता रहा लेकिन भाजपा नेता नहीं माने। देर शाम इन तीनों को एयरपोर्ट से बाहर निकाला गया और एक गाड़ी में बैठा कर माधोपुर भेज दिया गया। इसके बाद आगे की रणनीति के लिए सुषमा, अनंत और जेटली ने भाजयुमो अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के साथ बैठक की। अनुराग ठाकुर ने एक बार फिर जोर देकर कहा कि वह लाल चौक पर तिरंगा फहराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बीजेपी नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि वे हिम्मत नहीं हारेंगे और एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के लिए कूच करेंगे। उन्होंने कहा, ‘हम 26 जनवरी को श्रीनगर के लालचौक पर पहुंचेंगे और वहां तिरंगा फहराएंगे।’ सुषमा स्वराज ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लिखा कि ‘हम यहां सत्याग्रह के लिए नहीं आए हैं। हम तिरंगा यात्रा के लिए आए हैं। हम दोबारा जम्मू-कश्मीर में दाखिल होंगे।’ ये नेता आज माधोपुर में राष्ट्रीय एकता यात्रा के दौरान करीब 50000 कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद लखनपुर बॉर्डर होते हुए जम्मू-कश्मीर कूच करने की योजना है। नई दिल्ली में भूख हड़ताल पर बैठे भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा। उन्होंने कहा, 'हमें राज्य में जहां महसूस होगा, वहां जाकर हम झंडा फहराएंगे।' सिंह ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर अलगाववादी ताकतों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
श्रीनगर में कर्फ्यू जैसे हालात है, शहर के कई इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। बीजेपी की तिरंगा यात्रा को रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर की सीमाओं को सील कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। लाल चौक इलाके में सीआरपीएफ के 4000 जवानों को तैनात किया गया है। राज्य के अधिकतर स्कूल-कॉलेज मंगलवार को बंद रहेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदम्बरम ने भाजपा के आला नेताओं से तिरंगा यात्रा को जारी नहीं रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को टकराव का रास्ता नहीं अख्तियार करना चाहिए और कानून-व्यवस्था अपने हाथ में लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘ऐसे किसी एजेंडा के लिए कोई सफाई नहीं दी जा सकती जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होती है।’

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