जेल में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ता विनायक सेन की तत्काल रिहाई के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के 55 सामाजिक संगठन एक साथ मिलकर अभियान चला रहे हैं। सेन को छत्तीसगढ़ की एक अदालत ने देशद्रोह के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई है। सामाजिक संगठनों के समूह ने गुरुवार को जारी एक बयान में राज्यों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन करने वाली मनमानी शक्ति देने के कथित कठोर कानूनों को निरस्त करने की मांग की।
फ्री विनायक सेन गढ़बंधन की अमेरिकी इकाई ने इस सिलसिले में अमेरिका के शहरों में इस हफ्ते बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित करने की घोषणा की। बयान के मुताबिक सेन की रिहाई के लिए दबाव बनाने के इरादे से संगठन ने दुनिया भर में हस्ताक्षर अभियान चलाकर 10 हजार से अधिक लोगों को अपने आंदोलन में शामिल किया है। इन नागरिक समूहों में एशियन लॉ अलायन्स, स्वास्थ्य समूह जैसे पीपुल्स हेल्थ मूवमेंट सहित कई संगठन शामिल हैं।

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