दोहे और उक्तियाँ !! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 24 जनवरी 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

अपने कार्यों को बुद्धिमत्ता पूर्ण तरीके से करो, किसी के
प्रभाव में नहीं; आत्म-अनुशाषित बनो; ईश्वर की संतान
जो उसका अपना ही स्वरूप है, इस दैवीय विरासत में
विश्वास करो; अच्छी संगत में रहो और उन प्रणालियों का
अभ्यास करो जिससे तुम्हें ईश्वर की वास्तविक अनुभूति हो सके|



(श्री परमहंस योगानंद)

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