विपक्षी दल भाजपा का संसदीय लोकतंत्र में विश्वास नहीं होने और माओवादियों से हाथ मिलाने संबंधी वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी केबयान को भाजपा ने स्तब्धकारी कहा है। भाजपा के मुताबिक, सच्चाई यह है कि सरकार की ही संसदीय संस्थाओं में आस्था नहीं है।
विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि प्रणब दा के बयान को पढ़कर स्तब्ध हूं। क्या सरकार से संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग करना ससंदीय लोकतंत्र या संविधान में आस्था नहीं होने के समान है? जबकि सच्चाई यह है कि सरकार की आस्था सबसे अधिक सीबीआई में है। सरकार ऐसा कह कर ससंदीय संस्थाओं को अनुपयोगी बना रही है। गौरतलब है कि 2जी स्पेक्ट्रम पर पूरे शीतकालीन सत्र में कामकाज ठप रहने के बारे में पूछे जाने पर प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि विपक्ष का यह रवैया साबित करता है कि उनका संसदीय लोकतंत्र में कोई आस्था नहीं है। अगर उनका संसदीय लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है तो उन्हें माओवादियों के साथ हाथ मिला लेना चाहिए।
इस बयान पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि सरकार के वरिष्ठ नेता को अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बोलने के दौरान संयम बरतना चाहिए। उन्हें अपने मंत्रीमंडल सहयोगी ममता बनर्जी को माओवादियों से दूरी बनाने की सलाह देनी चाहिए। जेटली ने कहा कि जब कांग्रेस विपक्ष में होती है तो हम कभी नहीं कहते कि कांग्रेस पार्टी या प्रणब ने माओवादियों की तरह व्यवहार किया है।
विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि प्रणब दा के बयान को पढ़कर स्तब्ध हूं। क्या सरकार से संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग करना ससंदीय लोकतंत्र या संविधान में आस्था नहीं होने के समान है? जबकि सच्चाई यह है कि सरकार की आस्था सबसे अधिक सीबीआई में है। सरकार ऐसा कह कर ससंदीय संस्थाओं को अनुपयोगी बना रही है। गौरतलब है कि 2जी स्पेक्ट्रम पर पूरे शीतकालीन सत्र में कामकाज ठप रहने के बारे में पूछे जाने पर प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि विपक्ष का यह रवैया साबित करता है कि उनका संसदीय लोकतंत्र में कोई आस्था नहीं है। अगर उनका संसदीय लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है तो उन्हें माओवादियों के साथ हाथ मिला लेना चाहिए।
इस बयान पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि सरकार के वरिष्ठ नेता को अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बोलने के दौरान संयम बरतना चाहिए। उन्हें अपने मंत्रीमंडल सहयोगी ममता बनर्जी को माओवादियों से दूरी बनाने की सलाह देनी चाहिए। जेटली ने कहा कि जब कांग्रेस विपक्ष में होती है तो हम कभी नहीं कहते कि कांग्रेस पार्टी या प्रणब ने माओवादियों की तरह व्यवहार किया है।

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