दिलों का राजा कैसे बना जाए, जिससे कि एक सच्चे
राजा की तरह आप दूसरों के दिलो में प्यार के सिंहासन
पर बैठ सके। सबके प्रति उदार रहे, यदि तुम बुरे कार्यो
और भावनाओं में स्वयं को लिप्त रखते हो तो आप
अपने आप को दयनीय बना लोगे और
अपने स्नायु तंत्र को नष्ट कर लोगे।
(श्री परमहंस योगानंद)
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