जब एक बुरी आदत आपके मस्तिषक में दृढ हो जाती है
और आप इसे बदलना चाहते है तब अपनी दृढ इच्छा शक्ति
से उसका मार्गान्त्करण करे और नई आदत विकसित करे|
अच्छे कार्यों के द्वारा वांछित आदते विकसित की जा
सकती है| दृढ इच्छा शक्ति दृढ धारणा का पर्याय है|
अपने अंदर झांको और अपनी विशेषताओं को पहचानो|
(श्री परमहंस योगानंद)
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