पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर इलाके में भारी सुरक्षा वाले एक सैन्य केंद्र के परेड मैदान में हुए फिदायीन हमले में कम से कम 31 सैनिक मारे गए और 40 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक हमलावर एक किशोर था जो स्कूली यूनीफार्म पहने था। यह हमला मरदान शहर के छावनी इलाके में परेड मैदान में पंजाब रेजिमेंट सेंटर की सैनिक परेड को निशाना बनाकर किया गया। यह पाकिस्तान के सुपरिचित सैन्य केंद्रों में से एक है।स्थानीय लोगों के कहना है कि गुरूवार सुबह करीब सवा आठ बजे हमलावर ने सैनिकों की परेड को निशाना बनाकर विस्फोट कर दिया। इस विस्फोट की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। यह 2010 में क्रिसमस के दिन संयुक्त राष्ट्र भोजन वितरण केंद्र पर एक आत्मघाती महिला द्वारा किए गए बम विस्फोट के बाद देश में सबसे ब़डा आत्मघाती बम हमला है, जिसमें 43 लोग मारे गए थे। घायलों को नजदीकी सैन्य अस्पताल ले जाया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक घायलों में कुछ की हालत काफी नाजुक है। एक पुलिस अधिकारी अब्दुल्ला खान मे मीडिया को बताया कि हमलावर ल़डका स्कूल यूनीफार्म में पैदल ही वहां पहुंचा था, मगर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमलावर बिना किसी जांच के किस तरह से सैन्य केंद्र के भीतर पहुंच गया। आम तौर पर इस तरह के सैन्य केंद्रों में सुरक्षा क़डे इंतजाम होते हैं।
अधिकारियों के मुताबिक घायलों में कुछ की हालत काफी नाजुक है। एक पुलिस अधिकारी अब्दुल्ला खान मे मीडिया को बताया कि हमलावर ल़डका स्कूल यूनीफार्म में पैदल ही वहां पहुंचा था, मगर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमलावर बिना किसी जांच के किस तरह से सैन्य केंद्र के भीतर पहुंच गया। आम तौर पर इस तरह के सैन्य केंद्रों में सुरक्षा क़डे इंतजाम होते हैं।
टीवी चैनलों ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि हमलावर स्कूली वेशभूषा में था। इस परेड मैदान के पास सेना संचालित एक स्कूल है। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। विस्फोट के बाद नजदीकी बाजारों को भी बंद कर दिया गया है। हमले की अब तक किसी गुट ने जिम्मेदारी नहीं ली है। वैसे ऎसे फिदायीन हमले आम तौर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान की ओर से होते हैं।
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