मुबारक ने कहा नहीं छोरुंगा पद. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2011

मुबारक ने कहा नहीं छोरुंगा पद.

मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने तमाम दबाव और कयासों को दरकिनार करते हुए सर्वोच्च पद अपने पास बनाए रखने का फैसला किया है. हालांकि उन्होंने उप राष्ट्रपति को कई अहम शक्ति दे दी हैं, पर पद नहीं छोड़ा है. मिस्र की जनता को करीब घंटे भर इंतजार कराने के बाद राष्ट्रपति मुबारक टेलीविजन पर आए. उन्होंने करीब 20 मिनट तक भाषण दिया लेकिन वह बात नहीं कही, जिसका इंतजार किया जा रहा था.

मुबारक ने मिस्र की युवा जनता की तारीफ करते हुए कहा कि वह उनका सम्मान करते हैं और अपने उस वादे पर बने हुए हैं कि वह अब दोबारा राष्ट्रपति पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे. मुबारक ने कहा कि वह सुगम रूप से सत्ता का स्थानांतरण चाहते हैं और इस साल के सितंबर महीने तक यह हो जाएगा. लगभग सात साल बाद पहली बार सीधे प्रसारण में 82 साल के मुबारक ने कहा कि वह किसी कीमत पर अपने देश को छोड़ कर नहीं जाएंगे और सत्ता मुबारक के इस्तीफे पर अड़े हैं उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सत्ता परिवर्तन की बात शुरू हो गई है और उन्होंने बहुत सी शक्तियां मिस्र के उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान को दे दी हैं.

कोई टिप्पणी नहीं: