मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने तमाम दबाव और कयासों को दरकिनार करते हुए सर्वोच्च पद अपने पास बनाए रखने का फैसला किया है. हालांकि उन्होंने उप राष्ट्रपति को कई अहम शक्ति दे दी हैं, पर पद नहीं छोड़ा है. मिस्र की जनता को करीब घंटे भर इंतजार कराने के बाद राष्ट्रपति मुबारक टेलीविजन पर आए. उन्होंने करीब 20 मिनट तक भाषण दिया लेकिन वह बात नहीं कही, जिसका इंतजार किया जा रहा था.मुबारक ने मिस्र की युवा जनता की तारीफ करते हुए कहा कि वह उनका सम्मान करते हैं और अपने उस वादे पर बने हुए हैं कि वह अब दोबारा राष्ट्रपति पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे. मुबारक ने कहा कि वह सुगम रूप से सत्ता का स्थानांतरण चाहते हैं और इस साल के सितंबर महीने तक यह हो जाएगा. लगभग सात साल बाद पहली बार सीधे प्रसारण में 82 साल के मुबारक ने कहा कि वह किसी कीमत पर अपने देश को छोड़ कर नहीं जाएंगे और सत्ता मुबारक के इस्तीफे पर अड़े हैं उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सत्ता परिवर्तन की बात शुरू हो गई है और उन्होंने बहुत सी शक्तियां मिस्र के उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान को दे दी हैं.
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