यदि आप सोचते है आपका चरित्र वैसा नहीं जैसा उसे
होना चाहिए तो आप हमेशा याद रखें कि ऐसे चरित्र के लिए
आप स्वयं उत्तरदाई है| किसी को भी अच्छे होने की आशा
कभी नहीं छोडनी चाहिए| अधिकाधिक नमनशील होने की
कोशिश करे| यदि आप सही है तो अपने सिद्धांतों पर दृढ रहे
और गलत होने की दशा में स्वयं को बदलने को तैयार रहें|
(श्री योगानंद परमहंस)
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