दोहे और उक्तियाँ !! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

सर्वप्रथम स्वयं को सुधारें, तभी पूरा संसार सुधारा जा

सकता है| तुम संसार की सहायता किस प्रकार कर

सकते हो जब तुम स्वयं ही कमजोर और अज्ञानी हो|

यह तो एक अंधे आदमी का दूसरे अंधे आदमी को रास्ता

बताने जैसा ही होगा| दोनों ही गहरे गर्त में गिर जायेंगे|



(स्वामी शिवानन्द)

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