
34 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए पटना स्टेडियम में प्रैक्टिस कर रही कबड्डी खिलाड़ी मनीषा कुमारी को सीआरपीएफ के एक जवान को अपना फोन नंबर न देना महंगा पड़ गया। जब मनीषा ने फोन नंबर देने से इंकार कर दिया तो वहां तैनात जवान ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद जवान ने खुद पर भी गोली चलाई, उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
हिमाचल प्रदेश की 20 वर्षीया मनीषा बिहार की महिला कबड्डी टीम की सदस्य थी। बुधवार शाम यहां बहादुरपुर रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक सीआरपीएफ जवान जसवंत सिंह ने कथित तौर पर मनीषा की हत्या कर दी। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि सिंह पिछले कुछ दिनों से मनीषा का पीछा कर रहा था।
सिंह ने बाद में खुद पर भी गोली चला ली थी। उसे पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। सिंह मोइनुल हक स्टेडियम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शिविर में तैनात था। युवा महिला खिलाड़ी 12 फरवरी से शुरू होने जा रहे राष्ट्रीय खेलों के अभ्यास के लिए यहां आती हैं।
जब मनीषा एक अन्य खिलाड़ी मीनू के साथ अभ्यास के बाद अपने रेलवे क्वार्टर में लौट रही थीं तभी यह घटना हुई। पुलिस ने बताया कि ऐसा लगता है कि सिंह नशे की हालत में था। उसने मनीषा को रोका और उसका फोन नंबर मांगा। जब उसने नंबर देने से इंकार कर दिया तो सिंह ने उसके चेहरे पर दो या तीन थप्पड़ लगाए और फिर अपनी एके 47 से उस पर गोली चला दी।
भारतीय खेल प्राधिकरण में कबड्डी कोच तापस सेन कहते हैं, 'स्टेडियम से सीआरपीएफ कैंप को हटाया जाना चाहिए क्योंकि सुरक्षाकर्मी अक्सर महिला खिलाड़ियों पर टिप्पणियां करते रहते हैं।'
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