बिहार के सभी मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। इस बीच पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (पीएमसीएच) प्रशासन ने सरकार से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर 25 चिकित्सकों की मांग की है। पीएमसीएच प्रशासन ने बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए सरकार से 25 चिकित्सकों की मांग की है। पीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. आर. के. सिंह ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार से 25 चिकित्सकों की मांग की गई है। सिंह ने माना की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं परंतु वरिष्ठ चिकित्सकों ने काम संभाल लिया है। इधर, राज्य के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने भी हड़ताली चिकित्सकों से काम पर लौटने की अपील की है।
एसोसिएशन के सचिव डॉ. अशोक कुमार यादव ने गया मेडिकल कॉलेज में हुई गोलीबारी के मामले में सरकार से दोषियों के खिलाफ तत्काल कारवाई करने की मांग की है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) के सचिव डॉ. धीरेन्द्र कुमार ने मंगलवार को बताया कि राज्य में करीब 1500 से ज्यादा जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की मांग है कि आरोपित विधायक की गिरफ्तारी हो और उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म करते हुए भविष्य में चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाए। चिकित्सा पेशेवर सुरक्षा अधिनियम भी लागू किया जाए। इधर, पुलिस की लगातार छापेमारी के बावजूद अब तक आरोपी विधायक को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि एएनएमसीएच में गोलीबारी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा के आगामी सत्र में चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर विधेयक लाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने हड़ताल पर गए जूनियर चिकित्सकों से काम पर लौटने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि गया के एएनएमसीएच में रविवार देर रात बेलागंज के विधायक सुरेन्द्र प्रसाद यादव के दो अंगरक्षकों द्वारा कथित तौर पर गोली चलाए जाने से तीन जूनियर चिकित्सक घायल हो गए थे। पुलिस ने दोनों सुरक्षाकर्मियों को निलंबित करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है तथा विधायक को भी गिरफ्तार करने का आदेश जारी किया है।
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