
मध्यप्रदेश के साथ केंद्र सरकार के कथित भेदभावपूर्ण रवैए और पाले से फसलों के नष्ट होने के बाद प्रभावित किसानों को कोई मदद मुहैया नहीं कराने से क्षुब्ध मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आश्वासन पर अपना 'सविनय आग्रह उपवास' स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने आज सुबह राजभवन में राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर की उपस्थिति में प्रधानमंत्री से टेलीफोन पर हुई अपनी बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री के आश्वासन पर अपना उपवास स्थगित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने टेलीफोन पर और फिर फैक्स के जरिए पत्र भेजकर उन्हें आश्वास्त किया है कि केंद्र के साथ मध्यप्रदेश के मसले को हल करने के लिए उन्होंने योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया को अधिकृत किया है। अहलूवालिया, राज्य सरकार और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच नई दिल्ली में 20 फरवरी को बैठक आयोजित की गई है।
वहीं राज्य के कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी ने कहा, 'मुख्यमंत्री एक असंवैधानिक कदम उठाने जा रहे थे, साथ ही सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया था और अधिकारियों को राजनीतिक गतिविधियों की व्यवस्था का भार दिया गया था।' उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें