लाली के खिलाफ सुबूत पेश करे सरकार. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 14 फ़रवरी 2011

लाली के खिलाफ सुबूत पेश करे सरकार.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से कहा कि प्रसार भारती में कथित अनियमितताओं के मामले में इसके पूर्व सीईओ बी. एस. लाली के खिलाफ सबूतों को पेश करे। लाली को इन्हीं आरोपों के चलते पिछले साल दिसंबर में सस्पेंड कर दिया गया था।

चीफ जस्टिस एस. एच. कपाड़िया की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार से लाली को सस्पेंड करने के मामले में तथ्यों पर चार हफ्तों में बयान दाखिल करने को भी कहा। पीठ ने लाली से अगले तीन हफ्ते में इस पर जवाब देने को कहा।

पीठ ने 1971 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी लाली को सस्पेंड किए जाने की राष्ट्रपति द्वारा दी गई मंजूरी को लेकर यह आदेश दिया। लाली ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि इस साल दिसंबर में वह रिटायर होने वाले हैं और इसको देखते हुए तेजी से मामले पर सुनवाई हो।

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने पिछले 21 दिसंबर को लाली को सस्पेंड करने का आदेश दिया था। उनके खिलाफ राष्ट्रमंडल खेलों के ब्रॉडकास्टिंग का ठेका ब्रिटेन की कंपनी एसआईएस लाइव को देने का विवादास्पद फैसला लेने का आरोप है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के उस पत्र को राष्ट्रपति को भेजा था जिसमें 63 वर्षीय लाली को सस्पेंड करने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद राष्ट्रपति ने कार्रवाई की। प्रसार भारती अधिनियम के अनुसार इसके अध्यक्ष को या किसी सदस्य को राष्ट्रपति की मंजूरी पर ही हटाया जा सकता है।

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