मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने तत्काल इस्तीफे से इन्कार करते हुए कहा है कि सितम्बर में समाप्त होने जा रहे मौजूदा कार्यकाल के बाद वह अगले कार्यकाल के लिए चुनाव नहीं लड़ना चाहते. मौजूदा कार्यकाल सितम्बर में समाप्त होने जा रहा है. करीब 30 साल से सत्ता में रहे मुबारक ने टेलीविजन पर प्रसारित राष्ट्र के नाम संदेश में कहा कि मैंने कभी सत्ता और प्रभाव की मांग नहीं की.
82 वर्षीय मुबारक ने कहा कि मेरी इच्छा आगामी राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने की नहीं है. उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल के बाकी समय में वह शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने कहा "वर्षों तक लोगों की सेवा करने के काम पर मुझे गर्व है. मुझे इतिहास में याद रखा जाएगा" देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के सम्बंध में मुबारक ने कहा कि यह प्रदर्शन वैध तरीके से शुरू हुए थे लेकिन राजनीतिक ताकतों ने बाद में इनका स्वरूप बदल दिया जिससे यह देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए.
तुर्की के प्रधानमंत्री रेसेप तायिप एर्दोगन ने मंगलवार को मिस्र के नेताओं से देश में मौजूदा राजनीतिक संकट का लोकतांत्रिक समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है. उन्होंने मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक से अपील की है कि वह जनता की मांगों को बेझिझक स्वीकार करें. खबर के मुताबिक तुर्की की संसद में अपनी सत्ताधारी पार्टी एके पार्टी के सदस्यों की एक बैठक में एर्दोगन ने कहा कि कोई भी ताकत लोगों की लोकतांत्रिक मांगों को अनसुना नहीं कर सकती. कोई भी शक्ति जनता की अवज्ञा नहीं कर सकती. एर्दोगन ने मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक से अपील करते हुए कहा कि ज्यादा मानवीय रुख अपनाते हुए लोगों की आवाज सुनें. बिना किसी झिझक के लोगों की बदलाव की मांग स्वीकार करें. तुर्की के प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से सोमवार रात को टेलीफोन पर बातचीत की थी और दोनों ने मिस्र में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक समाधान की जरूरत के विचारों को साझा किया.

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