दुःख उन लोगों के लिए एक अच्छा शिक्षक है जो इससे सीखने में शीघ्रता और रूचि दिखाते हैं लेकिन यह दुःख उन लोगों के लिए आतंक का पर्याय बन जाता है जो दुःख आने पर परेशान हो जाते हैं और उसका विरोध करतेहैं| वेदना और कष्ट हमें जीवन में सब कुछ सिखा देते हैं| दु:ख के अनुभवों से हमारे अंदर अच्छे-बुरे का बोध, आत्म-संयम, अनासक्ति, नैतिकता और उच्च आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है|
(श्री परमहंस योगानंद)
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