जमशेदपुर का इतिहास !! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 3 फ़रवरी 2011

जमशेदपुर का इतिहास !!

जमशेदजी नौसेरवानजी टाटा का जन्म 3 मार्च 1839 ई. को नवसारी (गुजरात) के एक पारसी परिवार में हुआ था. इन्होने बम्बई के एलेफिन्सटन कॉलेज से शिक्षा ग्रहण किया था. जमशेदजी बहुत दूरदर्शी व्यक्ति थे, वो भारत को उद्योग प्रधान देश बनाना चाहते थे. 1880 ई. में इन्होने स्टील उद्योग लगाने की कल्पना की. जब जमशेदजी पिट्सबर्ग में थे तब भूगर्भशास्त्री चार्ल्स पेज पेरिन ने साक्षी नामक स्थान उनके साईट के लिए उपयुत्त बताया.1908 ई.में 3584 एकड़ जमीन जिसमे साक्ची, नूतनडीह, सुसीडीह और जुगसलाई आते थे को स्टील कंपनी ने 46632 रु.में खरीद लिया. स्टील कंपनी ने अपना काम शुरू कर दिया. 1919 ई. में जमशेदजी के नाम पर शहर का नाम टाटा नगर रखा गया.

टाटानगर, जमशेदपुर के नाम से भी जाना जाता है. यह झारखण्ड राज्य के पूर्वी सिंहभूम जिला में है. यह एक औद्योगिक नगरी है. इसका क्षेत्रफल 625 वर्ग किलो मीटर है और जनसँख्या 1982988 है. सड़क और रेल मार्ग से यह पूरे देश से जुड़ा हुआ है. राष्ट्रीय राजमार्ग 33 यहाँ से होकर गुजरती है. स्वर्णरेखा नदी यहाँ से होकर गुजरती है. दुनिया के छ: ग्लोबल कॉम्पेक्ट सिटी में से एक है जमशेदपुर. यहाँ पारसी, उड़िया, गुजरती, मद्रासी, बंगाली, बिहारी, माड़वारी, क्रिश्चन, सिख, आन्ध्र प्रदेश सभी जगह के लोग रहते है. इसी कारण इसे मिनी इंडिया कहा जाता है. दुनिया भर से लोग टाटा स्टील देखने आते है. यहाँ अनेक दर्शनीय स्थल भी है जैसे डिमना लेक, जुबली पार्क, दलमा,मोदी पार्क, कीनन स्टेडियम इत्यादी. यहाँ टाटा समूह की कई कंपनिया भी है. यहाँ हर जगह आपको हरियाली देखने मिलेगी.शहर में बहुत से कल-कारखाने है,परन्तु पर्यावरण का पूरा ख्याल रखा गया है.
शहर के संस्थापक जमशेदजी का जन्म दिवस 3 मार्च यहाँ के निवासी एक त्यौहार की तरह मानते है.
रुनु झा.

जमशेदपुर.

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