समाजसेवी अन्ना हजारे ने फिर एक बार विरोधियों को करारा जवाब देते हुए कहा है कि यदि अनशन करना ब्लैकमेलिंग है, तो वे फिर सरकार को ब्लैकमेल करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर मेरा अनशन यदि तीन दिन और चलता तो सरकार गिरने की नौबत आ जाती। बॉलीवुड अदाकारा और सेंसर बोर्ड की पूर्व अध्यक्ष शर्मिला टैगोर ने कहा था कि जिस तरह अन्ना ने अनशन किया और सरकार झुक गई, वह 'ब्लैकमेलिंग' है और गलत उदाहरण की शुरुआत भी है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) ने अन्ना हजारे को झटका देते हुए तय किया है कि इसमें लोकपाल बिल पर कोई चर्चा नहीं होगी। परिषद की सदस्य अरुणा राय ने कहा कि यह बैठक काफी पहले होना तय हो गया था। हालांकि अन्ना हजारे ने इस बारे में सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कहा था की एनएसी की बैठक में वे लोकपाल बिल के बारे में चर्चा करें। लेकिन सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर हजारे को झटका दे दिया है।
अन्ना हजारे ने कहा कि जब तक मैं जिंदा हूं और अनशन से लोगों को लाभ होगा, मैं यह करता रहूंगा। यदि यह ब्लैकमेलिंग है, तो मैं सरकार को ब्लैकमेल करता रहूंगा। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ के बाद आलोचना के शिकार बने अन्ना ने कहा कि यदि मोदी के आलोचकों द्वारा लगाए गए आरोपों में सच्चाई है, तो मैं अपना बयान वापस लेता हूं। उन्होंने कहा कि मुझसे एक प्रश्न पूछा गया कि गुजरात और बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों में काफी विकास हुआ है, आपका क्या मानना है? अन्ना ने कहा कि इसके जवाब में उन्होंने कहा कि मैंने भी इन प्रदेशों में हुए अच्छे कामों के बारे में सुना है।
अन्ना ने माना कि इसके बाद उनके पास कई ई-मेल और पत्र आए हैं, जिसमें कहा गया है कि गुजरात के ग्रामीण क्षेत्रों में कोई विकास नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं मालूम सच्चाई क्या है, लेकिन यदि इसमें कुछ भी सच्चाई है, तो मैं अपना बयान वापस लेता हूं। अन्ना ने कहा कि उन्होंने यूपीए और एनडीए के खिलाफ आंदोलन किया है। उन्होंने कहा कि यदि एक इस मामले में ग्रेजुएट है, तो दूसरे ने पीएचडी किया है। अन्ना ने समाज सेवा में अधिकतम समय देने के लिए शादी नहीं की। लेकिन उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे जरुर शादी करें और अपने बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाएं। अन्ना हजारे ने अपने ही साथी शांतिभूषण को कहा है कि फर्जी सीडी कांड में खुद को सही साबित करने की जिम्मेदारी उन्हीं की है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही शांतिभूषण अदालत में इस मामले को ले जा रहे हैं।

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