बिहार के मुख्यमंत्री जनता दरबार लगाते हैं, इस दरबार में बाकायदा दरबारी होते हैं जो नीतीश की जी हुजूरी के लिए हाजिर रहते हैं. ये जनता दरबार सिर्फ नीतीश के व्यक्तिगत लोगों के हित साधन के लिए होता है और इस जनता दरबार को आप कुर्मी कोयरी दरबार कह सकते हैं या फिर बाढ़ नालंदा दरबार भी.
विगत दिनों इसी दरबार में इन्साफ की आस लगाये सुशासन बाबु से इन्साफ और न्याय के साथ मदद की उम्मीद लगाये बिहार की एक स्वर्ण पदक विजेता खिलाडी दरबार में पहुंची. मगर ये क्या ....
इन्साफ की जगह नीतीश के दरबार से मिला दुत्कार और धमकी.
आप वीडियो में देख सकते हैं इन्साफ मांगने गए की हालत
4 टिप्पणियां:
is this the fact behind face?
इतनी जल्द उब गये विकास पुरुष से। बिहार के भगवान हैं , भ्रष्टाचार को समाप्त कर चुके हैं। २४ घंटे बिजली -पानी उपलब्ध है । यह नीतीश नाम का शख्स अबतक का सबसे काईंया मुख्यमंत्री है । इसने प्रजातांत्रिक व्यव्स्था को तो समाप्त कर हीं दिया ,लोगो के खुन में जातिवाद का जो जहर घोला है , उसका असर अब धीरे-धीरे हो रहा है .
“You may fool all the people some of the time, you can even fool some of the people all of the time, but you cannot fool all of the people all the time.”There is a Christian saying - "Beware of false prophets, which come to you in sheep's clothing, but inwardly they are ravening wolves" .
It is crystal clear that CM Nitish Kumar's Janta Durbar is just for photo opportunity.I have asked several times how many cases have been satisfactorily disposed in the Durbar or through public grievance disposal system - and you will not be surprised as I am that the answer is hardly any!
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