केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के बाद अब सलमान खुर्शीद ने भी कहा है कि लोकपाल बिल से बहुत कुछ नहीं बदलेगा। उन्होंने कपिल सिब्बल के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि भगवान है तब भी अपराध होते। कपिल सिब्बल और सलमान खुर्शीद दोनों लोकपाल बिल के लिए बनाई गई संयुक्त समिति के सरकारी सदस्य हैं। उन दोनों के इस तरह के बयान देने से अब उनकी मंशा पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कपिल सिब्बल ने कहा था कि जरूरत लोकपाल बिल की नहीं बल्कि व्यवस्था को बदलने की है। उन्होंने कई उदाहरण देकर बताया कि जहां लोगों को सुविधा ही मुहैया नहीं है, वहां लोकपाल बिल क्या करेगा। उन्होंने कहा था कि किसी गरीब को अपने मरीज को अस्पताल में भर्ती करना होता है, लेकिन बिना किसी नेता के फोन बिना यह हो नहीं पाता तो वहां लोकपाल बिल क्या करेगा?
कपिल सिब्बल ने कहा था कि एक गरीब बच्चे को स्कूल में दाखिला नहीं मिलता। उनके लिए पर्याप्त स्कूल नहीं हैं और शिक्षा की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में लोकपाल बिल क्या करेगा? उन्होंने पूछा कि क्या लोकपाल बिल से लोगों को सिलेंडर, बिजली, पानी, फोन जैसी जरूरी सुविधाएं मिल पाएंगी? सिब्बल दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में कांग्रेस के ब्लॉक कमेटी कार्यालय के उद्घाटन के दौरान संबोधित कर रहे थे।
सिब्बल का यह बयान ऐसे समय में आया, जब सरकार ने एक दिन पहले ही भूख हड़ताल पर बैठे समाजसेवी नेता अन्ना हजारे की पांचों मांगें मान ली थी, और लोकपाल बिल के मसौदे को तैयार करने के लिए एक संयुक्त समिति गठित हुई है।

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