जन लोकपाल बिल ड्राफ्ट करने के लिए बनी समिति के सह अध्यक्ष शांति भूषण के पाक-साफ होने पर उठ रहे सवाल और गहरा गए हैं। शांति भूषन और उनके बेटे जयंत भूषण ने उत्तर प्रदेश सरकार से 7 करोड़ रुपये के दो फार्महाउस बाजार दर से करीब चौथाई कीमत में ही हासिल कर लिए हैं। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने विवेकाधीन कोटे से दोनों पिता-पुत्र के नाम ये फार्महाउस आवंटित किए हैं।
शांति भूषण ने पिछले सप्ताह अपनी संपत्ति की घोषणा करते हुए बताया कि नोएडा में 10 हजार वर्ग मीटर का खेती लायक एक प्लॉट उनके पास है। उन्होंने यह नहीं बताया कि यह जमीन उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार ने विवेकाधीन कोटे से उन्हें आवंटित की गयी थी। सरकार ने उनके वकील बेटे जयंत भूषण को 10 हजार वर्गमीटर का एक और फार्महाउस भी आवंटित किया। जयंत ने नोएडा पार्क मामले में अदालत में मायावती सरकार की पैरवी भी की थी।
सरकार द्वारा विवेकाधीन कोटे से किसी को जमीन का आवंटन करने का मसला भ्रष्टाचार पर बने मंत्रियों के समूह (जीओएम) के एजेंडे में अहम मुद्दा है। हालांकि जयंत भूषण ने एक टीवी चैनल से बातचीत में मीडिया में आ रही इन खबरों को पूरी तक 'बकवास' करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। नोएडा में इस जमीन के आवंटन का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक मुकदमे की विषय वस्तु है। यह मुकदमा एक अन्य आवंटी पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विकास सिंह की ओर से दायर किया गया है। इन्होंने इन आवंटनों को रद्द करने की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें बतौर 'सजा' इस फार्महाउस का 'खराब' हिस्सा आवंटित किया गया। इसके बाद उन्होंने इस फार्महाउस के आवंटन के तरीके को लेकर कई बार शिकायतें की हैं। विकास सिंह के मुताबिक हर फार्महाउस की कीमत साढ़े तीन करोड़ रुपये है और आवंटियों को आवंटन के समय इसका महज 10 फीसदी यानी 35 लाख रुपये देने थे। बाकी रकम 16 किश्तों में देनी थी।

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