भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष पद से सुरेश कलमाडी को बर्खास्त कर दिया गया है। उनके स्थान पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीके मल्होत्रा को अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया है। आनन-फानन में मंगलवार को आईओए के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई। इसमें मल्होत्रा को अंतरिम अध्यक्ष बनाने का फैसला कर लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता खुद मल्होत्रा ने की। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मल्होत्रा ने कहा, ‘आईओए के संविधान में बहुत स्पष्ट प्रावधान हैं। इसकी धारा 13 बी के अनुसार अध्यक्ष का पद खाली नहीं रह सकता। ऐसी स्थिति में वरिष्ठ उपाध्यक्ष को यह पद संभालने का हक है।’ कलमाडी को हटाने संबंधी निर्णय जिस बैठक में लिया गया, उसमें आईओए के शक्तिशाली महासचिव रणधीर सिंह अनुपस्थित थे।
मल्होत्रा ने कहा, ‘रणधीर सिंह अभी दिल्ली से बाहर हैं। जब वे लौटेंगे तो उनसे चर्चा के बाद कार्यकारी समिति की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें आगे इस मुद्दे सहित अन्य मसलों पर विचार होगा।
कलमाडी भारतीय ओलंपिक संघ के पिछले 15 वर्ष से अध्यक्ष हैं। उन्होंने 1996 में यह पद संभाला था। आईओए पर इसके गठन के समय से ही पटियाला के राजाओं का दबदबा रहा। इसके वर्तमान महासचिव रणधीर सिंह पटियाला के पूर्व राजा भालिंद्र सिंह के बेटे हैं। भालिंद्र सिंह 1960 से 1975 और 1980 से 1984 तक आईओए के अध्यक्ष रह चुके हैं। भालिंद्र सिंह के बड़े भाई यादविंद्र सिंह (1938 से 1960) और पिता भूपिंद्र सिंह (1928 से 1938) भी आईओए के अध्यक्ष रह चुके हैं। आईओए का गठन 1927 में हुआ और पहले अध्यक्ष सर दोरबजी टाटा बने।
कलमाडी के अलावा समिति के उप-महानिदेशक सुरजीत लाल (खरीद) और महानिदेशक (खेल) एएसवी प्रसाद भी गिरफ्तार किए गए हैं। अदालत में सीबीआई के वकील अखिलेश सिंह ने तर्क दिया कि तीनों अधिकारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसलिए उन्हें हिरासत में लेने की जरूरत है। जबकि कलमाडी के वकील अमित देसाई का कहना था कि सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी गैरकानूनी है। खेलों से संबंधित सभी फैसले खेल मंत्रालय से मशविरा करने के बाद लिए गए थे। कलमाडी को गिरफ्तारी के 24 घंटे से ज्यादा समय बाद अदालत में पेश किए जाने के आधार पर उन्हें जमानत देने की भी मांग की गई।

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