
महाराष्ट्र में जैतपुर परमाणु संयंत्र के विरोध के बावजूद भारत सरकार ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया है. लेकिन सुरक्षा से जुड़े पहुलओं को पारदर्शी तरीके से उच्च प्राथमिकता दी जाएगी और एक स्वतंत्र नियामक का गठन होगा. जैतपुर परियोजना को आगे बढ़ाने का फैसला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लिया गया. यह बैठक जापान के फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में रेडियोधर्मी रिसाव के मद्देनजर परमाणु सुरक्षा को लेकर पैदा हो रही चिंताओं और जैतपुर में फ्रांस की मदद से बनने वाले परमाणु संयंत्र के विरोध को देखते हुए बुलाई गई. बैठक में कहा गया कि जैतपुर संयंत्र का विरोध मुख्य तौर पर राजनीतिक और विचारधारा के चलते हो रहा है और इस विरोध को विपक्षी शिवसेना पार्टी हवा दे रही है.
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