
कृषि मंत्री शरद पवार ने कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया के सीबीआई के सामने दिए गए बयान को बकवास और पूरी तरह झूठ करार दिया है। राडिया ने सीबीआई से कहा था कि सभवत : शाहिद बलवा की कंपनी डीबी रियल्टी को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पवार और उनका परिवार ही चला रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि शायद पवार ने ही पूर्व टेलिकॉम मंत्री ए. राजा की मदद से स्वॉन टेलिकॉम को लाइसेंस दिलाए थे।
पवार ने गुरुवार को एक टेलिविजन चैनल से कहा, 'यह पूरी तरह से झूठा और बकवास बयान है। डीबी रियल्टी में मेरे किसी तरह के वित्तीय या अन्य हित नहीं हैं। विनोद गोयनका के पिता मुझे कई साल से जानते हैं। उन्होंने 20 साल पहले मेरे गृहनगर बारामती में एक मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की थी और वह अच्छी तरह से चल रही है।'
राडिया ने कहा कि डीबी रियल्टी में पवार के नियंत्रण को साबित करने के लिए मेरे पास कोई सबूत नहीं हैं लेकिन कंपनी को लेकर ये आम धारणा है। उन्होंने कहा है कि शाहिद बलवा और विनोद गोयनका इस कंपनी के मुख्य कर्ताधर्ता हैं।
वहीं, पवार ने कहा कि जो खुद इस घोटाले में आरोपी है उनकी बात पर कैसे भरोसा किया जा सकता है। कृषि मंत्री ने कहा कि गोयनका परिवार के साथ उनके घरेलू संबंध हैं। उन्होंने कहा, 'उनके पिता के साथ मेरे घरेलू संबंध है और मैं इस परिवार की दूसरी पीढ़ी को भी अच्छी तरह से जानता हूं और उन्होंने मेरे इलाके के किसानों के लिए काफी काम किया है।'
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