
पूर्व चीफ जस्टिस एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मौजूदा अध्यक्ष के. जी. बालाकृष्णन ने संपत्ति से संबंधित सूचनाओं के गलत इस्तेमाल की आशंका जताते हुए इनकम टैक्स अधिकारियों से मंगलवार को कहा कि वह अपनी संपत्ति का खुलासा नहीं कर सकते।
आरटीआई कार्यकर्ता पी. बालाचंद्रन की ओर से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से न्यायमूर्ति बालाकृष्णन की संपत्ति की सूचना मांगे जाने पर इनकम टैक्स अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने हलफनामा दाखिल किया है कि वह अपनी सम्पत्ति को सार्वजनिक नहीं कर सकते और इससे संबंधित सभी जरूरी जानकारी सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर मौजूद है।
न्यायमूर्ति बालाकृष्णन से उनका पैन नंबर और बैंक खाते का ब्यौरा मांगा गया था। उन्होंने हलफनामे में कहा कि इन सूचनाओं को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता क्योंकि इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है और उनके खाते में से फर्जी तरीके से पैसा निकाला जा सकता है।
1 टिप्पणी:
छि ! चोर कहीं का।
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