मधुमक्खी की तरह सभी फूलों से शहद इकट्ठा कर
बुद्धिमान व्यक्ति सभी धर्मों में केवल अच्छाई ही देखता है
और विभिन्न धर्म ग्रंथों के तत्व को स्वीकार करता है|
( श्रीमद भगवत गीता )
मधुमक्खी की तरह सभी फूलों से शहद इकट्ठा कर
बुद्धिमान व्यक्ति सभी धर्मों में केवल अच्छाई ही देखता है
और विभिन्न धर्म ग्रंथों के तत्व को स्वीकार करता है|
( श्रीमद भगवत गीता )
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