ड्रैगन भारत को चारों ओर से घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में ही अब सिर्फ चीनी सेना मौजूद नहीं है बल्कि भारत के पड़ोसी मुल्क नेपाल में भी चीनी फौजियों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। नेपाल में चीनी सैनिकों की मौजूदगी बढ़ती जा रही है।
चीन तिब्बत में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। नेपाल से सटे तिब्बत और चीन के इलाकों में भी रेल लाइन, सड़क और सुरंगें बनाई जा रही हैं। इन बुनियादी ढांचों के विकास के जरिए अब चीन हम पर उत्तर पूर्व से लेकर कश्मीर की सीमा तक घेरने में सक्षम हो गया है। जबकि अभी हम उत्तर पूर्व में बुनियादी ढांचे का विकास ही कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत में ही चीन की एक और नापाक हरकत सामने आई जब चीन के तीन नागरिकों को भारत में 'जासूसी' करते हुए गिरफ्तार किया गया। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक महिला समेत चीन के तीन नागरिकों को फोटो खींचते समय गिरफ्तार किया।
नेपाल में चीन के विरोध में होने वाले तिब्बतियों के प्रदर्शन को कुचलने के लिए ड्रैगन वहां की सरकार पर धन की बारिश करता है। इन प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए नेपाल सरकार पर दबाव बनाने के साथ चीन ने वहां की पुलिस को पैसे बांटकर कई तिब्बतियों को गिरफ्तार भी करवाया है। चीन, भारत पर दबाव बनाने के लिए नेपाल का इस्तेमाल करना चाहता है। चीन, नेपाल में विपक्ष में खड़े माओवादियों के साथ-साथ सरकार को भी अपने पक्ष में करने की मुहिम में जुट गया है। नेपाल में पिछले दिनों जारी संवैधानिक संकट के बीच चीन और नेपाल के शीर्ष नेताओं ने एक दूसरे के देशों की यात्रा की। चीन ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से लगती भारत की सीमा पर अपने सैनिकों की तैनाती कर दी है। भारतीय सेना के उत्तरी कमान के प्रभारी लेफ्टिनेंट जनरल के टी परनायक ने हाल में कहा था कि चीन की सेना की मौजूदगी न सिर्फ भारत-चीन सीमा पर बल्कि पीओके से लगती भारतीय सीमा यानी नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भी बढ़ गई है। पीओके और गिलगिट-बालटिस्तान में करीब 17 परियोजनाओं पर चीन के हजारों मजूदर काम कर रहे हैं। इसमें करीब 14 प्रोजेक्ट तो पीओके में ही चल रहे हैं।
चीन तिब्बत में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। नेपाल से सटे तिब्बत और चीन के इलाकों में भी रेल लाइन, सड़क और सुरंगें बनाई जा रही हैं। इन बुनियादी ढांचों के विकास के जरिए अब चीन हम पर उत्तर पूर्व से लेकर कश्मीर की सीमा तक घेरने में सक्षम हो गया है। जबकि अभी हम उत्तर पूर्व में बुनियादी ढांचे का विकास ही कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत में ही चीन की एक और नापाक हरकत सामने आई जब चीन के तीन नागरिकों को भारत में 'जासूसी' करते हुए गिरफ्तार किया गया। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक महिला समेत चीन के तीन नागरिकों को फोटो खींचते समय गिरफ्तार किया।
नेपाल में चीन के विरोध में होने वाले तिब्बतियों के प्रदर्शन को कुचलने के लिए ड्रैगन वहां की सरकार पर धन की बारिश करता है। इन प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए नेपाल सरकार पर दबाव बनाने के साथ चीन ने वहां की पुलिस को पैसे बांटकर कई तिब्बतियों को गिरफ्तार भी करवाया है। चीन, भारत पर दबाव बनाने के लिए नेपाल का इस्तेमाल करना चाहता है। चीन, नेपाल में विपक्ष में खड़े माओवादियों के साथ-साथ सरकार को भी अपने पक्ष में करने की मुहिम में जुट गया है। नेपाल में पिछले दिनों जारी संवैधानिक संकट के बीच चीन और नेपाल के शीर्ष नेताओं ने एक दूसरे के देशों की यात्रा की। चीन ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से लगती भारत की सीमा पर अपने सैनिकों की तैनाती कर दी है। भारतीय सेना के उत्तरी कमान के प्रभारी लेफ्टिनेंट जनरल के टी परनायक ने हाल में कहा था कि चीन की सेना की मौजूदगी न सिर्फ भारत-चीन सीमा पर बल्कि पीओके से लगती भारतीय सीमा यानी नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भी बढ़ गई है। पीओके और गिलगिट-बालटिस्तान में करीब 17 परियोजनाओं पर चीन के हजारों मजूदर काम कर रहे हैं। इसमें करीब 14 प्रोजेक्ट तो पीओके में ही चल रहे हैं।

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