जापान में एक महीने बाद भूकंप के तगड़े झटके. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 11 अप्रैल 2011

जापान में एक महीने बाद भूकंप के तगड़े झटके.

जापान में ठीक एक महीने बाद भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए हैं। रिक्‍टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 7.1 मापी गई है। पिछले महीने 11 तारीख को आए भूकंप और इसके बाद विनाशकारी सुनामी में करीब 13 हजार लोगों की मौत हो गई और 15 हजार से अधिक लापता हो गए थे। उस वक्‍त भूकंप से प्रभावित फुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र से खतरा अभी टला भी नहीं था कि ताजा भूकंप से हालात और भी खराब हो गए हैं। मौसम विभाग ने इस बार समुद्री तट से सटे मियागी, फुकुशिमा और चिबा प्रांत में दो मीटर ऊंची सुनामी की चेतावनी जारी की है।

जापान के पूर्वी और पूर्वोत्‍तर इलाकों में महसूस किया गया भूकंप इतना तेज था कि राजधानी टोक्‍यो की कई इमारतें हिल गईं। फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के तीन प्‍लांट बंद कर दिए गए हैं। जापान के उत्‍तरी समुद्री तट पर तीन फीट ऊंची सुनामी की लहरें उठ रही हैं। भूकंप का केंद्र फुकुशिमा से 14 मील दक्षिण स्थित था। भूकंप के झटकों से टोक्‍यो और फुकुशिमा प्रांत में बिजली ठप हो गई है। जापान में पिछले महीने आए भूकंप से 300 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भूकंप के झटकों के मद्देनजर फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के रिएक्‍टर नंबर 1, 2 और 4 बंद कर दिए गए हैं। परमाणु संयंत्र में पिछली बार 9.0 की तीव्रता वाले भूकंप से हुई गड़बड़ी को दुरुस्‍त करने में जुटे कर्मचारियों को बाहर निकाला जा रहा है। गत गुरुवार को भी 7.4 तीव्रता के भूकंप ने जापान को हिला दिया था। इसमें दो लोग मारे गए और 100 जख्‍मी हो गए थे।

1 टिप्पणी:

आकाश सिंह ने कहा…

बहुत ही बढ़िया पोस्ट है
बहुत बहुत धन्यवाद|

----------------------
एक मजेदार कविता के लिए यहाँ आयें |
www.akashsingh307.blogspot.com