लालू के बेटे तेजस्वी को राजनीति में सफलता नहीं मिली तो वे क्रिकेट की तरफ लौट आए। यहां झारखंड प्रीमियर लीग में उनका सिलेक्शन हुआ, तभी कई लोगों ने लालू पर राजनीति के जरिए अपने बेटे को बढ़ाने का आरोप लगाया था।
टूर्नामेंट में तेजस्वी कुछ खास नहीं कर पाए, लेकिन फिर भी उन्हें आईपीएल की टीमों में से एक दिल्ली डेयरडेविल्स में जगह मिल गई। तब से क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार में हंगामा मचा हुआ है। इस एसोसिएशन के सचिव आदित्य वर्मा ने तो खुलकर मोर्चा खोल दिया है और कहा है कि तेजस्वी को सिर्फ उनके पिता के राजनीतिक रसूख से आईपीएल में जगह मिल गई है वरना वे क्लब क्रिकेट खेल रहे होते। यह पहली बार है जब एसोसिएशन का कोई सदस्य लालू के खिलाफ खुलकर सामने आया है।
जहां उनके खिलाफ बोलने को कोई तैयार नहीं होता था, वहीं अब अब कई लोग विरोध में बोलने को उठ खड़े हुए हैं। विरोधी लालू पर उनके बेटे के क्रिकेट करियर को लेकर निशाना साध रहे हैं तो दूसरी तरफ खुद तेजस्वी अलग ही परेशानी से जूझ रहे हैं। पिछली बार तेजस्वी को अपनी टीम के लिए बैट संभालने का मौका एक बार भी नहीं मिला और वे बारहवें खिलाड़ी के तौर पर सिर्फ टॉवेल और पानी ही ढोते रहे थे और इस बार भी वे प्लेइंग इलेवन में होंगे या नहीं, किसी को नहीं पता। लालू अपने बेटे के बारहवें खिलाड़ी होने का दुखड़ा संसद में भी बता चुके हैं, लेकिन तेजस्वी को तेज दिखाने का मौका नहीं मिल रहा है.

1 टिप्पणी:
चलो राजनीति की तरह यहां भी जुगाड़ तो हुआ... परफ़ार्म भी कर ही लेंगे, धीरे धीरे
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