मिस्र में हुए अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शनों के कारण सत्ता छोड़ने पर मजबूर हुए पूर्व राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक अगर लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों की हत्या के दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें मौत की सजा मिल सकती है। न्यायाधीश के अनुसार, इस तरह की सुनवाई को पूरा होने में एक साल तक का समय लग सकता है।
मिस्र में जनवरी महीने में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान तकरीबन 800 लोगों की मौत का अंदेशा है। शालाश का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के महाभियोजक अब्दुल मेगुइद महमूद ने बीमार मुबारक को सिविल अस्पताल से निकालकर सैन्य अस्पताल में भर्ती करने का निर्देश दिया है। बाद में ठीक हो जाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया जाएगा।
महमूद ने कहा कि मुबारक को जरूरी स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा मुहैया करायी जाएगी। अल—अहरम की रिपोर्ट के मुताबिक महमूद ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मुबारक के स्वास्थ्य के बारे में उन्हें जानकारी देते रहें ताकि ठीक हो जाने के बाद उन्हें जेल भेजा जा सके। मुबारक को कहां रखा गया है इस बारे में देश की सरकारी मीडिया ने कुछ नहीं कहा है लेकिन अन्य मीडिया स्रोतों से पता चला है कि मुबारक को काहिरा के हदायक—अल—कूबा सैन्य अस्पताल में रखा गया है।

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