केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के आरोपों से घिरे पांच कारोबारियों को हिरासत में लेने की मांग की है। जांच एजेंसी का कहना है कि ये लोग फरार होने के साथ ही सुनवाई में अवरोध पैदा कर सकते हैं। इन कारोबारियों में स्वान टेलीकॉम के निदेशक विनोद गोयनका, यूनीटेक वायरलेस तमिलनाडु लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा और रिलायंस एडीएजी समूह के तीन वरिष्ठ पदाधिकारी गौतम दोशी, सुरेंद्र पिपारा और हरि नायर हैं। इन लोगों को सीबीआई ने 80,000 पन्नों के अपने पहले आरोप पत्र में अभियुक्त बनाया है।
सीबीआई ने शुक्रवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ओ पी सैनी के समक्ष सौंपे अपने जवाब में इन कारोबारियों की जमानत याचिकाओं का विरोध किया। जांच एजेंसी ने कहा कि मामले के कुछ अहम गवाहों का ताल्लुक कारपोरेट जगत से है। कुछ ने इन वरिष्ठ लोगों के तहत काम भी किया है। ऐसे में इन गवाहों को प्रभाव में लिये जाने की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता। सीबीआई ने कहा कि मौजूद दस्तावेज के आधार पर इन लोगों के अपराध स्पष्ट हैं। ये अपराध जनहित और सरकार के वित्तीय मामलों में गहरी पैठ बनाने से जुड़े हैं। यह गंभीर है।

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