ब्रिटेन की पुलिस ने पांच आतंकवादियों को ब्रिटेन के न्यूक्लियर प्लांट के पास संदिग्ध हालातों में गिरफ्तार किया है। ब्रिटेन की पुलिस को आशंका है कि वे प्लांट पर हमले की तैयारी में थे। पुलिस इन आतंकवादियों से पूछताछ कर रही है। विकीलीक्स ने कुछ समय पहले खुलासा किया था कि यदि लादेन को कुछ हुआ तो अल कायदा ने परमाणु हमले की तैयारी की है। ब्रिटेन की पुलिस आतंकवादियों से इसी मुद्दे पर पड़ताल कर रही है। सभी पश्चिमी देशों ने, बिन लादेन की मौत के बाद, परमाणु प्लांट की सुरक्षा काफी बढ़ा दी है और इसी के बाद, यह गिरफ्तारी हुई।
सभी आतंकवादी लंदन के रहने वाले हैं और २० से २५ साल की उम्र के हैं। इन्हें जांच के दौरान पश्चिमी कुंब्रिया के सालेफील्ड न्यूक्लियर प्लांट के नजदीक गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने लंदन के चार मकानों में छापामारी की है। संदिग्ध हालांकि लंदन के रहने वाले हैं, लेकिन वे बांगलादेशी मूल के हैं। अमेरिका के बाद, ब्रिटेन पर ही आतंकवादी हमले का सबसे बड़ा खतरा है।
सीआईए चीफ लिआन पनेटा ने कहा है कि बिन लादेन मारा गया है, लेकिन अल कायदा जिंदा है। उन्होंने कहा कि यह लगभग तय है कि अल कायदा अब बदला लेने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अत्यधिक सावधान रहने की जरुरत है। अमेरिकी सांसद सुसान कोलिंस ने भी कहा है कि अमेरिका में ही पनाह लिए हुए आतंकवादी ओसामा की हत्या का बदला लेने की कार्रवाई करेंगे। अमेरिका में एफबीआई और होमलैंड सिक्युरिटी डिपार्टमेंट ने देश में अलर्ट घोषित किया है। ब्रिटेन में भी हमले की आशंका के बाद जबर्दस्त इंतजाम किए गए हैं। इन देशों ने परमाणु प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी है। भारत में भी परमाणु केंद्रों के आसपास सुरक्षा के इंतजाम बढ़ा दिए हैं।
अल कायदा की परमाणु हमले की चेतावनी
अल कायदा आतंकियों ने चेतावनी दी थी कि अगर ओसामा बिन लादेन को पकड़ा या मारा गया तो वे परमाणु हमला कर दुनिया तबाह कर देंगे। यह खुलासा विकीलीक्स ने गोपनीय दस्तावेज के आधार पर किया है। ये दस्तावेज गुआंतानामो बे में कैद कैदियों से हुई पूछताछ से संबंधित हैं। इन कैदियों से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आतंकवादी अमेरिका, ब्रिटेन सहित दुनिया के कई देशों में किसी बड़े हमले की साजिश रच रहे थे। दस्तावेजों के मुताबिक ये कैदी आतंकवादी अमेरिका और ब्रिटेन समेत एशिया और अफ्रीका के कई देशों में भी हमले की फिराक में थे। बंदियों के निशाने पर अमेरिका और इसके सहयोगी देश थे। इनकी प्राथमिकता में उन देशों पर हमला शामिल था जिसका अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ता हो। दूसरी प्राथमिकता में वैसे देश थे जो राजनीतिक रूप से ज्यादा जागरूक थे। इन दस्तावेजों के मुताबिक एक शीर्ष आतंकी कमांडर ने दावा किया है कि परमाणु बम यूरोप में छिपा कर रखा हुआ है और यदि ओसामा को पकड़ा या मारा गया, तो इसमें विस्फोट कर दिया जाएगा।

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