अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू के जीवित बचे होने की आशा मंगलवार को और कम हो गई। तमाम कोशिशों के बावजूद तीन दिन पहले खांडू सहित चार अन्य लोगों को लेकर लापता हुए हेलिकॉप्टर का पता नहीं चल पाया। अधिकारियों ने लोगों के बीच पनप रहे असंतोष और गुस्से के बीच इस बात की जानकारी दी। स्थानीय लोगों और एनजीओज ने मांग की कि लापता हेलिकॉप्टर की तलाश के लिए भारत चीन की मदद मांगे। अरुणाचल प्रदेश सरकार ने मंगलवार को ऐलान किया कि लापता हेलिकॉप्टर का सुराग देने पर दस लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।
खांडू सहित पांच लोगों को लेकर शनिवार सुबह उड़ा पवन हंस एएस350 बी-3 हेलिकॉप्टर तवांग से लापता है। हेलिकॉप्टर के पायलट ने उड़ान भरने के 20 मिनट बाद अंतिम बार चीनी सीमा के करीब सेला दर्रे के करीब 13,700 फुट की ऊंचाई पर रहते हुए संपर्क साधा था। इस संबंध में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री वी. नारायणसामी ने पत्रकारों से कहा, 'अब तक कोई समाचार नहीं मिल सका है। बचाव दल अपने काम में नाकाम रहा है। तलाशी अभियान में सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 3000 जवानों को लगाया गया है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई परिणाम नहीं निकल सका है।'
बचाव दल में शामिल टीमें लापता हेलिकॉप्टर को मुख्य तौर पर सात जगहों पर तलाश कर रहे हैं। इनमें से एक स्थान भूटान में स्थित है। सात में से दो स्थानों पर तलाशी का काम पूरा हो चुका है, लेकिन दल को हेलिकॉप्टर का मलबा नहीं मिला है। दो अन्य स्थानों पर मंगलवार देर रात तक पहुंचा जा सकता है। नारायणसामी ने कहा कि भारी बर्फबारी और बारिश के कारण दृश्यता कम हो गई है। इससे तलाशी अभियान बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बारिश के कारण काम अपेक्षित तेजी से नहीं हो पा रहा है। तलाशी अभियान में नैशनल डिजास्टर रिस्पॉंस फोर्स (एनजीआरएफ) के 38 कमांडो भी लगाए गए हैं। इसके अलावा 1000 स्थानीय लोग भी तलाशी अभियान में मदद कर रहे हैं।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मुकुल वासनिक ने कहा था कि खांडू को लेकर लापता हुए हेलिकॉप्टर का पता लगाने में लगा बचाव दल शाम चार बजे तक कुछ ठोस जानकारियां उपलब्ध कराएगा। बचाव दल की टीमें सेला दर्रे के पास पर्वतीय इलाके में उस जगह पहुंचने की कोशिश कर रही हैं , जहां पर इसरो के रेडार ने धातु के कुछ टुकड़ों की पहचान की है। राज्य के गृहमंत्री ताको दबई ने बताया कि प्रतिकूल मौसम होने से तलाशी अभियान में देरी हो रही है। राहत टीमें लगातार काम कर रही हैं। बचाव दल को एक किलोमीटर दूरी तय करने में लगभग एक घंटा लग रहा है।
खांडू सहित पांच लोगों को लेकर शनिवार सुबह उड़ा पवन हंस एएस350 बी-3 हेलिकॉप्टर तवांग से लापता है। हेलिकॉप्टर के पायलट ने उड़ान भरने के 20 मिनट बाद अंतिम बार चीनी सीमा के करीब सेला दर्रे के करीब 13,700 फुट की ऊंचाई पर रहते हुए संपर्क साधा था। इस संबंध में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री वी. नारायणसामी ने पत्रकारों से कहा, 'अब तक कोई समाचार नहीं मिल सका है। बचाव दल अपने काम में नाकाम रहा है। तलाशी अभियान में सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 3000 जवानों को लगाया गया है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई परिणाम नहीं निकल सका है।'
बचाव दल में शामिल टीमें लापता हेलिकॉप्टर को मुख्य तौर पर सात जगहों पर तलाश कर रहे हैं। इनमें से एक स्थान भूटान में स्थित है। सात में से दो स्थानों पर तलाशी का काम पूरा हो चुका है, लेकिन दल को हेलिकॉप्टर का मलबा नहीं मिला है। दो अन्य स्थानों पर मंगलवार देर रात तक पहुंचा जा सकता है। नारायणसामी ने कहा कि भारी बर्फबारी और बारिश के कारण दृश्यता कम हो गई है। इससे तलाशी अभियान बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बारिश के कारण काम अपेक्षित तेजी से नहीं हो पा रहा है। तलाशी अभियान में नैशनल डिजास्टर रिस्पॉंस फोर्स (एनजीआरएफ) के 38 कमांडो भी लगाए गए हैं। इसके अलावा 1000 स्थानीय लोग भी तलाशी अभियान में मदद कर रहे हैं।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मुकुल वासनिक ने कहा था कि खांडू को लेकर लापता हुए हेलिकॉप्टर का पता लगाने में लगा बचाव दल शाम चार बजे तक कुछ ठोस जानकारियां उपलब्ध कराएगा। बचाव दल की टीमें सेला दर्रे के पास पर्वतीय इलाके में उस जगह पहुंचने की कोशिश कर रही हैं , जहां पर इसरो के रेडार ने धातु के कुछ टुकड़ों की पहचान की है। राज्य के गृहमंत्री ताको दबई ने बताया कि प्रतिकूल मौसम होने से तलाशी अभियान में देरी हो रही है। राहत टीमें लगातार काम कर रही हैं। बचाव दल को एक किलोमीटर दूरी तय करने में लगभग एक घंटा लग रहा है।
लापता हेलिकॉप्टर का पहला संभावित सुराग सोमवार रात को उस समय मिला , जब इसरो ने सेला दर्रे के निकट नागारजीजी में धातुओं के कुछ टुकड़ों की पहचान करने का दावा किया। इसरो के रेडार ने इस इलाके में कुछ धातु के चमकीले टुकड़ों का पता लगाया है। ऐसा माना जा रहा है कि संभवत: यह टुकड़े लापता हेलिकॉप्टर के हो सकते हैं।

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