दिल्ली में ऑटोरिक्शा चालकों की दो दिवसीय हड़ताल समाप्त होने के बाद शनिवार को यात्रियों को काफी राहत मिली। कुछ ऑटोरिक्शा चालक यूनियन 'ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम'(जीपीएस) उपकरण लगाने का खर्च दिल्ली सरकार की तरफ से वहन किए जाने की मांग को लेकर गुरुवार मध्य रात्रि से हड़ताल पर थे। हड़ताल में हजारों ऑटो चालक शामिल हुए।
'भारतीय तिपहिया प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ' दिल्ली इकाई के अध्यक्ष राकेश सूद ने बताया कि हमारी मांगों पर सरकार की तरफ से मिले आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त हो गई है। उन्होंने बताया कि यूनियन के करीब 10 प्रतिनिधियों ने शुक्रवार शाम को दिल्ली के परिवहन मंत्री अरविंदर सिंह लवली से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली बैठक के बाद हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया।सूद ने बताया कि ऑटोरिक्शा चालकों के लिए कल्याण बोर्ड के गठन, हमारे परिजनों के लिए पेंशन और स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की मांग मान ली गई हैं। मंत्री ने इन सुविधाओं को प्रदान करने और चार महीने के भीतर बोर्ड के गठन का आश्वासन दिया है। सूद के अनुसार सरकार जीपीएस लगाने का खर्च कम कर 7,500 रुपये करने पर सहमत हो गई है जिसे हर महीने 625 रुपये की किश्त के जरिये पूरा किया जा सकेगा। ऑटोरिक्शा चालकों की हड़ताल समाप्त होने से शहरवासियों को काफी राहत मिली है।

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