इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलग-अलग कंपनी बना कर करीब 400 करोड़ रुपए के हेरफेर के आरोपों के मामले में सपा के पूर्व महासचिव अमर सिंह के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय को जांच का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने कहा कि यह राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा है। हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को निर्देशित करते हुए कहा कि वह दो सप्ताह के अंदर जांच शुरू करे। साथ ही एक माह के अंदर इस जांच पर एक स्टेटस रिपोर्ट पेश करे। इस मामले में अगली सुनवाई जुलाई के पहले हफ्ते में होगी। सुनवाई में ईडी के अधिकारियों को भी तलब किया गया है। जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा और एसएस तिवारी की पीठ के इस आदेश का असर अमिताभ बच्चन पर भी पड़ेगा, क्योंकि एफआईआर में अमर सिंह की पत्नी पंकजा कुमारी के साथ उनका भी नाम है।
पीठ ने 28 मार्च को इस मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
इससे पहले कोर्ट में अमर सिंह की ओर से कहा गया, उनके खिलाफ सचिवालय के एक ताकतवर सचिव के इशारे पर एफआईआर दर्ज की गई है। पीठ ने कहा कि दस्तावेजों में ऐसा कुछ भी नहीं है कि कार्रवाई को राजनीतिक शत्रुता के आधार पर खारिज किया जाए। इसके बाद हाईकोर्ट ने अमर सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होने 15 अक्टूबर 2009 को उनके खिलाफ कानपुर के बाबूपुरवा थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी।

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