अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हारून लोगार्ट ने सट्टेबाजी को भारत में वैध बनाने की वकालत की है। लोगार्ट का मानना है कि क्रिकेट मैचों पर लगने वाले सट्टों पर नियंत्रण से भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना काफी आसान हो जाएगा।
लोगार्ट ने कहा कि यह आईसीसी का मत है। सट्टेबाजी को वैध करने से हमें भ्रष्टाचार के दूसरे मुद्दों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। जब हर चीज वैध हो जाएगी, तब किसी को भूमिगत होने की जरूरत नहीं होगी। यह पूछे जाने पर कि क्या इस सम्बंध में आईसीसी की भारत सरकार के किसी स्तर पर बात हुई है। लोगार्ट ने कहा कि यह बातचीत बहुत शुरुआती स्तर पर है लेकिन अब हमने मान लिया है कि इस मसले पर गम्भीरता से विचार करना ही होगा।
खेल की मर्यादा बनाए रखना आईसीसी की जिम्मेदारी है। आईसीसी का नजरिया बिल्कुल साफ है। वह भ्रष्टाचार के खिलाफ हमेशा से सख्त रही है। आईसीसी भ्रष्टाचार के उन सभी मामलों को गम्भीरता से लेती है, जिनसे क्रिकेट को नुकसान पहुंचता है। क्रिकेट को भ्रष्टाचार से दूर रखने के लिए क्या और नियम बदले जाएंगे? इस बारे में लोगार्ट ने कहा कि एक स्वतंत्र समिति इस बारे में विचार कर रही है। यह समिति खेल को भ्रष्टाचार से दूर रखने के लिए जरूरी कदमों पर विचार करते हुए नियमों में परिवर्तन कर सकती है।
बकौल लोगार्ट, हमारे पास एक प्रस्ताव आया है कि हम खुद सट्टेबाज बनकर खिलाड़ियों से सम्पर्क करें। इससे यह पता लगेगा कि खिलाड़ी आईसीसी की भ्रष्टाचार एवं अपराध निरोधक इकाई से कितनी जल्दी सम्पर्क करते हैं। ऐसा करना उनका कर्तव्य है। हम इस प्रस्ताव पर गम्भीरता से विचार कर रहे हैं। हमारे लिए यह देखना जरूरी है कि इसमें हमें खिलाड़ियों का कितना समर्थन मिलता है। हम जानते हैं कि अधिकांश खिलाड़ी ईमानदार हैं और खेल को पूरी भावना के साथ खेलते हैं। इसी कारण हमें यकीन है कि खिलाड़ी हमारे इस कदम में हमारा साथ देंगे।

1 टिप्पणी:
ठीक ही तो है किसी अपराध को अपराध ही मत रहने दो सारे अपराध विधि अनुकूल करदो
एक टिप्पणी भेजें