कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने ग्रेटर नोएडा के गांव भट्टा परसौल में हुए पुलिस ज्यादती की शिकायत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से की तो बसपा ने राहुल के सबूतों पर ही सवाल खड़े कर दिए। राहुल ने नोएडा के भट्टा परसौल गांव में हुई हिंसक घटनाओं के मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। गांव के किसानों के साथ सोमवार को पीएम आवास पहुंचे राहुल ने प्रधानमंत्री को गांव में कथित प्रशासनिक ज्यादतियों की तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने वहां महिलाओं के साथ दुष्कर्म, लूट व बड़ी संख्या में हुई मौतों और जानमाल के नुकसान का ब्योरा पेश किया।
बसपा विधायक सैयद काजिम अली खान ने राहुल गांधी की ओर से पेश की गई तस्वीरों पर सवाल खड़े किए हैं। एक टीवी चैनल से बातचीत में काजिम अली ने कहा, ‘इन तस्वीरों की असलियत सामने आने के बाद ही इस घटना की न्यायिक जांच का सवाल उठता है। जब तक इन तस्वीरों की असलियत सामने नहीं आ जाती, यूपी सरकार वैसा ही करेगी जो उसे सही लगता है। यदि सरकार को लगता है कि तस्वीरें सही हैं तो वह जरूरी कदम उठाएगी।’
बसपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस परसौल गांव के नाम पर अफवाहें फैलाने की गंदी राजनीति कर रही है। राहुल का बयान पूरी तरह से राजनीतिक ड्रामा है। उन्होंने कहा कि राहुल ने प्रधानमंत्री को जिन तस्वीरों को दिखाकर हत्या, बलात्कार और उत्पीड़न की बात कर रहे हैं आखिर उन तस्वीरों की प्रमाणिकता क्या है। प्रधानमंत्री के साथ 40 मिनट तक बात करने के बाद राहुल ने पत्रकारों से कहा कि परसौल के हालात बेहद चिंताजनक हैं। वहां हत्याएं की गईं, दुष्कर्म किया गया, लोगों के सामान जला दिए गए। घरों को ध्वस्त कर दिया गया। राख के एक 70 फीट के गड्ढे में हड्डियां मिली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तरप्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब है।
भूमि अधिग्रहण विधेयक पर उनकी सरकार प्रतिबद्ध है, यह जटिल मुद्दा है, इसलिए कुछ समय लग रहा है। उम्मीद है कि लोकसभा के अगले सत्र में इसे पारित करा लिया जाएगा। वहां के किसानों के साथ जो कुछ हुआ दरअसल वह भूमि अधिग्रहण कानून से अलग मसला है। सवाल यह है कि हम अपने ही लोगों के साथ किस तरह का बर्ताव कर रहे हैं।
भट्टा-परसौल गांव में पुलिस और गांववालों की बीच भड़की हिंसक झड़प में चार लोग मारे गए थे जिसमें दो पुलिस भी शामिल थे, जिला कलेक्टर को भी पैर में गोली लगी थी। राहुल गंधी ने प्रशासन को चकमा देते हुए भट्टा-परसौल गांव पहुंचे और किसानों के साथ धरने पर बैठ गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर भट्टा-परसौली गांव से बाहर कर दिया था। राहुल के साथ गए आठ किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने भी बारी-बारी से प्रधानमंत्री को अपना दुखड़ा सुनाया। राहुल ने कहा कि किसान प्रधानमंत्री से मिलना चाहते थे, हमने उन्हें यह मौका उपलब्ध कराया। पीएम ने घटना पर दुख जताया और केंद्र की ओर से किसानों को हर संभव मदद की भरोसा दिया। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री राज्य सरकार को इस बारे में पत्र लिख ब्योरा मांग सकते हैं।
राहुल गांधी के बयान के बाद कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि परसौल गांव में जिस तरह की ज्यादतियों की शिकायतें हैं, साक्ष्य के तौर पर घटनाओं की तस्वीरें भी उपलब्ध हैं तो फिर उत्तरप्रदेश की मायावती सरकार को न्यायिक जांच कराने में क्या दिक्कत है।

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