
इनकम टैक्स ट्राइब्यूनल ने ' ऐक्टर ' सचिन तेंडुलकर को टैक्स छूट का तोहफा दिया है। ट्राइब्यूनल ने तेंडुलकर के तर्क को मानते हुए अपने आदेश में उनकी टैक्सेबल इनकम में से विज्ञापन में मॉडलिंग के जरिए होने वाली आय पर छूट लेने की स्वीकृति दे दी। तेंडुलकर ने कहा था कि जब वह मॉडलिंग करते हैं तब कलाकार होते हैं और इस लिहाज से उन्हें विज्ञापनों से होने वाली कमाई में टैक्स छूट मिलनी चाहिए।
20 मई को आदेश देने वाली दो सदस्यीय पंचाट ने इस तर्क को सही ठहराया कि विज्ञापनों में काम करने के दौरान वह ' ऐक्टर ' थे। ट्राइब्यूनल की न्यायिक सदस्य आशा विजयराघवन और अकाउंटेंट सदस्य आर. के. पांडा ने 2001-02 से लेकर 2004-05 तक के असेसमेंट ईयर के लिए चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर ( अपील ) के फैसले के खिलाफ दायर तेंडुलकर की चार अपील पर फैसला सुनाया।
तेंडुलकर ने तर्क दिया था कि उन्होंने इस आधार पर इनकम टैक्स ऐक्ट की धारा 80 आर आर के तहत छूट का दावा किया है कि वह विज्ञापन में काम करने के दौरान ऐक्टर थे। सचिन ने कहा था कि चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर का यह फैसला गलत था कि वह ऐक्टर नहीं हैं, क्योंकि उनका मुख्य पेशा क्रिकेट खेलना है। तेंडुलकर ने इसके साथ ही तर्क दिया कि वह क्रिकेटर हैं और पेशेवर ऐक्टर नहीं। उन्होंने कहा कि विज्ञापन में आने से वह ऐक्टर बने और इसलिए छूट के हकदार हैं। इसके साथ ही उन्होंने तर्क दिया कि पहले भी उन्हें इस तरह की छूट की स्वीकृति दी जा चुकी है।
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