मुंबई हमला में आईएसआई ने मदद की थी. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 24 मई 2011

मुंबई हमला में आईएसआई ने मदद की थी.


मुंबई पर हुए 26/11 हमलों में पाकिस्‍तान का हाथ है, यह बात सभी जानते थे, लेकिन पुख्‍ता सबूत या गवाह नहीं थे। आज वो कमी भी पूरी हो गई। लश्‍कर-ए-तैयबा के पूर्व सदस्‍य व पाकिस्‍तान मूल के अमेरिकी नागरिक डेविड हेडली ने कोर्ट के सामने इस पर से पर्दा उठा दिया। हेडली ने कोर्ट में कहा कि 2008 में हुआ हमला पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के दिशा-निर्देशन पर हुआ था। यानी आईएसआई ने इस काम में लश्‍कर की मदद की थी।   

मुंबई हमले में हेडली अपना गुनाह कबूल कर चुका है। कोर्ट में चल रही पूछताछ में यह जानने की कोशिश की जा रही है, कि आखिर उसके साथ और कौन-कौन लोग या संगठन शामिल थे। हेडली ने पूछताछ में बताया कि हमले के दौरान आईएसआई और लश्‍कर एक दूसरे से पूरे संपर्क में थे। हमले के लिए आईएसआई ने लश्‍कर को आर्थिक सहायता भी प्रदान की। कोर्ट के एक सहायक एटर्नी ने बताया कि हेडली ने यह तक बताया कि हमले के बाद तहव्‍वुर राणा ने उससे कहा था कि भारतीय इसके हकदार थे।

हेडली ने कोर्ट को बताया कि पाकिस्‍तान के लाहौर समेत कई शहरों में आईएसआई द्वारा संचालित आतंकी कैंप में लड़ाके तैयार किये जाते हैं। हेडली ने बताया कि उसने आतंकी की ट्रेनिंग आईएसआई कैंप में ही ली थी। यही नहीं पाकिस्‍तान के मेजर इकबाल ने उसे मुंबई पर हमला करने के लिए 25 हजार डॉलर दिये थे। हेडली के इस खुलासे से यह साफ हो गया कि पाकिस्‍तान आतंकवाद की सबसे बड़ी उपज है। खुद बर्बाद होने के बाद भी दूसरों को बर्बाद करने के मंसूबे वहां की सेना और खुफिया एजेंसियों में कूट-कूट कर भरी हुई है। हालांकि इसके बाद भारत पर दबाव बढ़ गया है कि अब वो पाकिस्‍तान पर दोषियों को सलाकों के पीछे डालने का दबाव बनाये।

कोई टिप्पणी नहीं: