आईएसआई चीफ शुजा पाशा के भारत पर हमले की तैयारियों की धमकी के एक दिन बाद सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों से बैठक की। लादेन की मौत के बाद गिलानी ने पहली बार सेना प्रमुखों के साथ बैठक की। इसमें भारत के साथ युद्ध होने पर हमले और बचाव के मुद्दे पर तमाम बातें हुईं। भारत ने युद्ध की तैयारी शुरू कर दी है। पाकिस्तान सीमा के पास उत्तरी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके में भारत ने थलसेना और वायुसेना के तालमेल से एक वृहद अभ्यास किया है। कहने को यह थलसेना का नियमित सालाना अभ्यास है, लेकिन मौजूदा माहौल में इस सैन्य अभ्यास का विशेष रणनीतिक महत्व है।
कट्टरपंथी संगठन भी भारत के खिलाफ युद्ध या कहें आतंकी दहशत फैलाने की तैयारी कर रहे हैं। सोमवार को ही जमात-उद-दावा ने भी रैली की। जमात के प्रमुख और मुंबई में हुए 26/11 हमले का मुख्य आरोपी हाफिज सईद ने एक बड़ी रैली कर भारत के खिलाफ जहर उगला। हाफिज सईद ने कहा कि भारत या अमेरिका ने फिर ऐबटाबाद जैसी कार्रवाई की, तो इन देशों के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया जाएगा।
लादेन की मौत के बाद लगता है कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान युद्ध की तैयारी कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी ने सेना के तीनों अंगों के प्रमुख के साथ बैठक की। सुत्रों के मुताबिक, बैठक में सबसे ज्यादा आईएसआई चीफ शुजा पाशा के बयान पर चर्चा की गई। पाशा ने रविवार को कहा था कि भारत के खिलाफ हमले की तैयारी पूरी है और सारी योजना बना ली गई है। सोमवार की शाम ही भारत ने पाशा के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताई। भारत सरकार ने पाशा के इस बयान पर हैरत जताई। भारत के सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह ने हाल ही में कहा था कि भारत भी सीमा पार मौजूद आतंकवादियों की पनाहगाहों को नेस्तनाबूद करने के लिए अमेरिका सरीखे ऑपरेशन करने की क्षमता रखता है।
अल कायदा सरगना लादेन के खिलाफ की गई अमेरिकी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान घबरा गया है। इसका कारण है कि उसे यह डर सता रहा है कि भारत भी इस तरह की कार्रवाई कर सकता है। भारत में कत्लेआम मचाने वाले कई आतंकी अब भी पाकिस्तानी सरजमीं पर मौजूद हैं। इसीकरण पाकिस्तान गिदड़ भभकी देकर भारत को इस तरह के कार्रवाई करने से रोक रहा है।

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