पटना में दो साल से घर में कैद थे भाई बहन. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 17 मई 2011

पटना में दो साल से घर में कैद थे भाई बहन.

पटना के शिवपुरी मुहल्ले में अपने ही घर में कैद होकर रह रहे भाई-बहन को जबरदस्ती बाहर निकाला गया है। दोनों की हालत काफी चिंताजनक बताई जा रही है। शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के शिवपुरी मुहल्ले में स्थित अपने घर में सुजाता और उसके भाई बाबू ने खुद को कैद कर लिया था। मुहल्लेवासियों के मुताबिक इन दोनों ने कई महीनों से कुछ खाया-पीया तक नहीं है। बाबू और सुजाता का शरीर केवल हड्डियों का ढांचा रह गया है। दोनों काफी कमजोर हो गए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार इनके पिता बृजकिशोर सिंह कार्मिक विभाग में ऊंचे ओहदे पर कार्यरत थे, वह 15 वर्ष पूर्व घर छोड़कर कहीं चले गए। इसके बाद इनकी मां गोदावरी देवी को कार्मिक विभाग में नौकरी तो मिल गई परंतु दो-तीन वर्ष पूर्व वह भी गायब हो गईं। इनकी एक बहन नीता को कथित रूप से अगवा कर लिया गया और इस सब के गम में एक भाई रोहन की मौत हो गई। इस सदमे को सुजाता और बाबू सह नहीं पाए और दोनों ने घर में खुद को कैद कर लिया।

स्वयंसेवी संस्था 'प्रयास भारती' के कार्यकर्ताओं ने कुछ स्थानीय लोगों की मदद से सोमवार की रात इन दोनों को जबरदस्ती घर से बाहर निकाला। इसके बाद बाबू को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में भर्ती कराया गया जबकि सुजाता को महिलाओं की हितैशी संस्था हैप्पी होम में रखा गया है। 'प्रयास भारती' के लोगों का कहना है कि अब इनके इलाज के लिए समाज को आगे आना होगा।

सुजाता का इलाज कर रहे चिकित्सक डां विशाल कहते हैं कि वह शाइजोफ्रेनिया (दिमागी बीमारी) से ग्रस्त है। इस बीमारी से ग्रस्त लोगों को प्रत्येक व्यक्ति से डर लगता है। बाबू का भी इलाज पीएमसीएच में चल रहा है।उल्लेखनीय है कि सुजाता पटना के एक दैनिक अखबार में संवाददाता के रूप में कार्यरत थी। उसके साथ काम कर चुके एक सहकर्मी के मुताबिक सुजाता काफी हंसमुख व कर्तव्यपरायण थी।

1 टिप्पणी:

मीनाक्षी ने कहा…

ऐसे किस्से पढ़ कर दिल दहल जाता है..स्तब्ध...मूक होकर रह जाते हैं....