
केंद्र ने कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को वापस बुलाए जाने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही उसने कर्नाटक की बी. एस. येदियुरप्पा सरकार को सुधारात्मक कदम उठाने की नसीहत दी है। केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने सोमवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भारद्वाज को वापस बुलाने का सवाल ही नहीं उठता है। भारद्वाज अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे। उन्हें वापस नहीं बुलाया जाएगा।"
भारद्वाज ने येदियुरप्पा सरकार को बर्खास्त करने के सम्बंध में केंद्र सरकार को अपनी सिफारिश भेजी थी जिसे केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है। लेकिन भाजपा राज्यपाल को वापस बुलाए जाने की अपनी मांग पर अड़ी हुई है। मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने सोमवार को मांग की है कि राज्यपाल की रिपोर्ट खारिज किए जाने के बाद उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। येदियुरप्पा ने नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी व अरुण जेटली से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, "राज्यपाल को इज्जत के साथ इस्तीफा दे देना चाहिए।"
चिदम्बरम ने कहा, "तथ्य (रिपोर्ट में) के लिहाज से हम अनुच्छेद 356 नहीं लगा सकते थे।" उन्होंने राज्यपाल हंसराज भारद्वाज द्वारा भेजी गई रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा, "येदियुरप्पा सरकार को सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें