सीबीआई पुरुलिया में हथियार गिराए जाने की घटना की तह तक जाना चाहती है और वह पता करना चाहती है कि मुख्य आरोपी किम डेवी को मुंबई हवाई अड्डे से भागने में क्या किसी राजनेता ने मदद की थी?
एजेंसी सूत्रों ने बताया कि सीबीआई किम डेवी के कथित तौर पर एक राजनेता की मदद से भागने की जांच के लिए तैयार है। अगर डेवी डेनमार्क से प्रत्यर्पण के बाद भारतीय अदालतों में सुनवाई के दौरान ब्यौरा देता है तो सीबीआई आगे की जांच के लिए तैयार है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को अब तक की जांच में किसी राजनेता के शामिल होने का प्रमाण नहीं मिला है और इस संबंध में अंतिम ब्यौरा डेवी के बयान से ही मिल सकता है।
एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत से भागने के बारे में किम डेवी से ही जानकारी मिल सकती है। उसे भारत आने दीजिए और मीडिया साक्षात्कारों में उसने जो कहा है, उसे अदालत में कहने दीजिए। अदालत में उसके बयान के बाद हम आगे की जांच के लिए तैयार हैं। डेवी ने हाल ही में एक साक्षात्कार में दावा किया था कि बिहार के एक सांसद ने उसे देश से डेनमार्क भागने में मदद की थी। उल्लेखनीय है कि 17 दिसंबर 1995 की रात पश्चिम बंगाल में पुरूलिया में हवाई जहाज से हथियार गिराए गए थे।

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