पाकिस्तान के कराची शहर के नौसेना अड्डे पर आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच रविवार रात से चल रही गोलीबारी अब भी जारी है। रविवार रात 10.40 बजे शुरू हुए हमले में चार आतंकवादी मारे गए हैं जबकि चार को पकड़ लिया गया है। इस हमले में पाकिस्तान के नौ सुरक्षा कर्मी भी मारे गए हैं। यह हमला नौसेना के पीएनएस मेहरान एयरबेस पर हुआ जो पाकिस्तानी वायुसेना के फैसल बेस से सटा हुआ है। नेवी के ठिकाने से अब भी धमाकों की आवाजें आ रही हैं। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक यह मुठभेड़ अब अंतिम दौर में है।
नेवी एयरबेस के आसपास अब तक 24 धमाके सुने जा चुके हैं। आतंकवादियों ने एयरबेस के भीतर ही कुछ लोगों को बंधक बनाया, जिसमें दो विदेशी भी शामिल हैं। एयरबेस के ऊपर आसमान में पाकिस्तानी वायुसेना के हेलीकॉप्टर चक्कर लगा रहे हैं। हमले में पाकिस्तान को अमेरिका से मिले दो पी३-सी ओरियन विमान पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। विमानों पर रॉकेट मिसाइलों से हमले किए गए। खबरों के मुताबिक हमले में कुछ विदेशी भी मारे गए हैं। आतंकवादियों पर काबू पाने के लिए पाकिस्तान के करीब २०० कमांडो ने नेवी एयरबेस को चारों ओर से घेरकर जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं।
अल कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों का सिलसिला थम नहीं रहा है। ओसामा की मौत का बदला लेने का ऐलान कर चुके तालिबान ने एक बार फिर पाकिस्तान को दहला दिया है। कराची के नेवी एयरबेस पर हुए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान (पाकिस्तानी तालिबान) ने ली है। तालिबान के प्रवक्ता ने यह जिम्मेदारी ली है। एक बयान में प्रवक्ता ने कहा है कि यह हमला ओसामा बिन लादेन की मौत का बदला है। तालिबान के प्रवक्ता एहसान उल्ला ने एक अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि यह हमला बेगुनाह लोगों की हत्या का बदला लेने के लिए किया गया है। तालिबान ने अपने बयान में कहा है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बल अमेरिका के निर्देश पर ‘आतंक के खिलाफ जंग’ के नाम पर लोगों को मार रहे हैं। २ मई को ऐबटाबाद में ओसामा की एक अमेरिकी ऑपरेशन में मौत के बाद तालिबान लगातार पाकिस्तान सुरक्षा एजेंसियों, अमेरिका से जुड़े ठिकानों और लोगों के अलावा विदेशी दूतावासों पर हमले कर रहा है।
पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने अपने एक बयान में कहा है कि कराची नेवी एयरबेस पर हुआ हमला नेवी पर हमला नहीं है बल्कि यह पाकिस्तान के खिलाफ जंग है। उन्होंने पाकिस्तान की अवाम से कहा है कि सभी समझ लें कि यह युद्ध के हालात हैं। मलिक ने हमले के पीछे अल कायदा और तालिबान जिम्मेदार बताया है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने गृहमंत्री को पूरे मामले की जांच करने के आदेश भी दिए हैं। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी और राष्ट्रपति जरदारी ने भी हमले की निंदा की है।

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