भाजपा ने संप्रग सरकार पर रविवार को इस बात के लिए दबाव डाला कि वह कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगाने के बारे में राज्यपाल एचआर भारद्वाज की सिफारिश कल शाम तक खारिज करे नहीं तो पार्टी पूरे देश में आंदोलन शुरू करेगी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने अपना धैर्य टूटने के संकेत देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अपनी की कि वह उनकी कल से शुरू होने वाली विदेश यात्रा से पहले सिफारिश को खारिज करें।
येदियुरप्पा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात तथा कर्नाटक में विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए तैयार नहीं होने वाले भारद्वाज को वापस बुलाने को दबाव बनाने की रणनीति तैयार करने के लिए जल्द ही राजधानी दिल्ली आ सकते हैं।
बेंगलूर में भाजपा के वरिष्ठ नेता एम वेंकैया नायडू ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यदि केंद्र आगामी 24 घंटे में कोई कार्रवाई नहीं करता है तो भाजपा केंद्र सरकार के साथ ही राज्यपाल के खिलाफ पूरे देश में आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगी।
भारद्वाज ने राजनीतिक संकट शुरू करते हुए गत रविवार को केंद्र को एक विशेष रिपोर्ट भेजी है जिसमें उन्होंने राज्रू में संवैधानिक तंत्र में गड़बड़ी आने का कारण बताते हुए विधानसभा को निलंबित स्थिति में रखते हुए कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफरिश की है।
नायडू ने आरोप लगाया कि गत छह दिनों के दौरान राज्यपाल ने राज्य सरकार को कार्य नहीं करने दे रहे हैं तथा उनकी रिपोर्ट पर अत्यधिक देरी राज्य और उसके लोगों के हित प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि अब और देरी जनादेश का खिलाफ होगा और यह संघीय ढांचे के स्वभाव के खिलाफ होगा। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने राज्यपाल पर राजभवन को कांग्रेस भवन के रूप में परिवर्तित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह (राजभवन) वास्तव में राजनीतिक साजिशों का केंद्र बन गया है।

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